सरपंचों की मांगो की अनदेखी करने की गलती न करे सरकार – पल्लवी अनिल लाठी-सरपंच (हलियाखेडी नसरुल्लागंज)
नई दिल्ली,
राष्ट्रीय सरपंच संघ का देश की राजधानी के जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन।
राष्ट्रीय सरपंच संघ के नेतृत्व में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का आयोजन नई दिल्ली के भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान’ (Indian Agricultural Research Institute) पूषा, में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जयराम पलसानिया जी के नेतृत्व में आयोजन रखा गया। जिसमे पहले दिन पूरे भारत वर्ष की ग्राम पंचायतों की वा सरपंचों की मांगो, समस्याओं एवं सरकार की नीतियों पर मंथन किया गया और राष्ट्रीय सरपंच संघ के द्वारा देश के प्रधानमंत्री जी, लोकसभा अध्यक्ष, पंचायती राज मंत्रालय एवं अन्य संबंधित विभागों के नाम एक मांग पत्र प्रेषित किया गया जिसके सकारात्मक जवाब की प्रतीक्षा है। दूसरे दिन लगभग 18 राज्यों से आए प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों के साथ जंतर मंतर पर पहुंच कर एक दिन का सांकेतिक धरना प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के समक्ष अपनी बात रखी। साथ ही जंतर मंतर पर पिछले महीने से चल रहे मनरेगा मजदूरों के धरने वा अनशन को समर्थन दिया और मनरेगा के मजदूरों की समस्याओं को बारीकी से अध्ययन किया उनके मांग पत्र को भी अध्ययन किया वह साथ ही जंतर मंतर पर बैठे पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तराखंड, झारखंड, यूपी, हरियाणा और राजस्थान सहित हजारों मजदूरों को आश्वासन भी दिया कि उनकी लड़ाई को अब ग्राम पंचायत में मजबूती से लड़ रही हैं और भी इस को मजबूत करने के लिए हमारा राष्ट्रीय सरपंच संघ कार्यबद्ध है वहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष जयराम पलसानिया के नेतृत्व में राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमती पल्लवी अनिल जाट (सरपंच ग्राम पंचायत हालियाखेड़ी नसरुल्लागंज) ने मीडिया को संबोधित करते हुए वर्तमान सरकार पर निशाना साधा और कहा की मनरेगा के mmms एप्स को बंद करें और ग्राम पंचायत को पूरी आजादी दे कि वह बिना किसी बाधा के जनता के हित में जनहित से जुड़ी हुई योजनाओं को जमीन पर उतार सकें। इसी के साथ उत्तर प्रदेश सचिव इंजीनियर गौरव जयराम उत्तर प्रदेश ने मनरेगा के मजदूरों की मजदूरी से ₹213 ,212 कहीं ₹215 होने पर राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन एक्ट का हवाला दिया और बताया कि मनरेगा के मजदूर को सरकार बेइज्जत कर रही है उसका शोषण कर रही है ₹213 में पूरे विश्व भर में कहीं भी मजदूर नहीं मिल सकता है उसके बावजूद भी उसके ₹213 पर इतनी सारी पाबंदियां लगा दी गई है खाते में पैसा जाना खाते को आधार कार्ड से लिंक और आधार कार्ड से पेमेंट की जाने का सिस्टम तो बना दिया लेकिन सरकार के पास में वह संसाधन अभी उपलब्ध नहीं है जिससे कि सीधा पैसा मजदूर के पास सुरक्षित समय पर पहुंच जाए अभी हाल ही में मनरेगा के मजदूरों की हाजिरी को ऑनलाइन करने के सरकार के फरमान को बिल्कुल गलत बताया और सरकार को इस पर पुनर्विचार करने के लिए आग्रह किया और यह भी बताया कि गांव में आज 2G के नेटवर्क नहीं है फिर वह 4जी और 5जी के माध्यम से ऐसे एपों का संचालन कैसे कर सकता है जहां मजदूरों की मजदूरी उनकी उपस्थिति सब ऑनलाइन कर दी गई है इसी क्रम में सेन्टर जॉन के प्रेसिडेंट रविंद्र यादव जी ने सरकार को तानाशाही सरकार बताते हुए मीडिया को संबोधित किया और कहा ना तो सरकार जवान का सम्मान कर पा रही है ना ही किसान का और ना ही मजदूर का इसी क्रम में सरपंच संघ के राष्ट्रीय महासचिव मुकेश सखिया गुजरात ने भी मीडिया को संबोधित करते हुए सरकार की तानाशाही और मजदूर विरोधी नीति का विरोध किया।



राष्ट्रीय सरपंच संघ के समस्त प्रदेशों से आए हुए सभी प्रदेश अध्यक्षों ने वहां सभी मजदूरों को विश्वास दिलाया कि वह अपने-अपने प्रदेश में जल्द ही ग्राम पंचायत स्तर से ब्लॉक स्तर डिस्टिक लेवल और फिर प्रदेश की राजधानी में बहुत बड़ा आंदोलन मजदूरों के हित में और गांव की जनता के हित में करने के लिए कार्य कर रहे हैं। डॉक्टर राहुल बालियान सहित सैकड़ों प्रधान साथी धरना स्थल पर मौजूद रहे राष्ट्रीय सरपंच संघ जिंदाबाद जिंदाबाद और किसान मजदूर एकता जिंदाबाद के नारे लगाए गए।