विश्व शांति के लिए सत्यवीर ने शुरू की यात्रा, दंडवत प्रणाम करते जाएंगे द्वारिका
सीहोर। आज के युग में लोग जहां अपने गांव, शहर के मंदिर या देव स्थानों के तक पैदल जाने में आलस्य का अनुभव करते हैं। दूर की धार्मिक यात्राओं और तीर्थाटन पर जाने के लिए सुविधाजनक आवागमन के साधनों का उपयोग करने की सोचते हैं। वहीं उपनिषद् में कहे गए मंत्र को अपनी प्रार्थना बनाकर ग्राम पिपलधार, तहसील-शमशाबाद, जिला-विदिशा निवासी संत सतवीर सिंह यादव ने चराचर जगत के प्राणीमान के कल्याण लिए, राष्ट्र वैभवशाली हो, भारत को विश्व में गौरव और सम्मान प्राप्त हो, सम्पूर्ण विश्व में अमन और सुख शांति कायम हो, ऐसी विश्व कल्याण की कामना लेकर बिना एक कदम पैदल चले, साष्टांग दण्डवत करते हुये भारत के अलग-अलग तीर्थ क्षेत्रों की यात्रा पूर्ण करके अपने जीवन का धन्य बनाया है। उनकी दंडवत यात्रा का नगर के हाउसिंग बोर्ड कालोनी पर संकल्प नशा मुक्ति केन्द्र के संचालक राहुल सिंह, संजय राय, राकेश शर्मा सहित अन्य ने मार्ग पर फूल बिछाकर किया। इस मौके पर संचालक श्री सिंह ने कहा कि विश्व कल्याण की कामना को लेकर जिस तरह की यात्रा यह कर रहे उनकी कामना सफल हो।
विश्व कल्याण की यात्रा करने वाले श्री यादव कई बार यात्रा कर चुके है। जिसमें मध्यप्रदेश के पिपलधार निवासी सत्यवीर यादव विश्व शांति और कल्याण के लिए अपनी पांचवी 1500 किमी लम्बी दंडवत यात्रा पीपलधार से द्वारिका तक कर रहे हैं। जहां स्थानीय लोगों ने भक्ति भाव के साथ भव्य स्वागत किया गया। पूरी यात्रा में लगभग 8 लाख दंडवत प्रणाम करेंगे। विश्व शांति के लिए दंडवत यात्राबता दें कि शमशाबाद तहसील के पिपलधार निवासी सत्यवीर यादव ने विश्व शांति एवं कल्याण और जीवात्माओं के सुख और पुण्य के लिए दंडवत यात्रा शुरू की है। सत्यवीर ने पिपलधार से दंडवत यात्रा का संकल्प लिया है। पूर्व में भी 18 दिसंबर से प्रारंभ दंडवत यात्रा में सत्यवीर काशी विश्वनाथ के चरणों में लगभग आठ लाख दंडवत प्रणाम करेंगे। इससे पूर्व यह दंडवत यात्रा मैहर, चित्रकूट, प्रयागराज, नेमिषारण्य, अयोध्या होते हुए काशी विश्वनाथ पहुंची थी। सत्यवीर की ये छठवी दंडवत यात्रा है। सत्यवीर ने बताया कि उन्होंने ईश्वर की प्रेरणा से पहली दंडवत यात्रा पिपलधार से देवपुर महादेव मंदिर तक की थी, जो 21 दिवसीय दंडवत यात्रा थी. दूसरी दंडवत यात्रा 18 फरवरी से 20 मार्च 2018 तक करीला धाम जानकी मंदिर तक थी, तीसरी यात्रा 11 अगस्त से 15 अगस्त 2018 तक वहीं चौथी दंडवत यात्रा फरवरी 2019 में बरसाना, वृंदावन धाम, तक की थी। वर्तमान यात्रा उज्जैन के बाद द्वारिका पहुंचेगी।
