कुबेरेश्वरधाम पर आज से शरबत के साथ किया जाएगा सत्तू का वितरण
सीहोर। जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में विठलेश सेवा समिति के तत्वाधान में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को प्रतिदिन भोजन प्रसादी के अलावा यहां पर शरबत के अलावा लगातार 15 दिनों तक सत्तू की प्रसादी दी जाएगी। देपालपुर में जारी शिवपुराण कथा के अंतिम दिन भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा के द्वारा व्यास पीठ से धाम पर सत्तू वितरण की बात कही थी, इसको लेकर समिति द्वारा तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। गुरुवार को सतुबाई अमावस्या के मौके पर यहां पर समिति की ओर से समीर शुक्ला, मनोज दीक्षित मामा, श्री राधेश्याम कालोनी की ओर से जितेन्द्र तिवारी, राकेश मालपानी सहित अन्य के द्वारा दोपहर में गन्ने का रस और शरबत की ठड़ाई का वितरण किया गया। इस मौके पर सैकड़ों की संख्या में यहां पर दर्शन करने आए श्रद्धालुओं को गर्मी में राहत मिली।
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि बैशाख माह में गर्मी अधिक होती है, इसलिए गुरुदेव पंडित श्री मिश्रा के आदेशानुसार शरबत, गन्ने का रस आदि ठड़ाई का वितरण किया जा रहा है। शुक्रवार की सुबह भोजन प्रसादी के साथ यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को सत्तू गोलकर दिया जाएगा। अक्षय तृतीया हिंदू धर्म में विशेष महत्व होता है और इस दिन भगवान की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति हो सकती है। वैसाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया के रूप में जाना जाता है। वहीं सत्तू एनर्जी की कमी को दूर करने में मददगार है सत्तू का शरबत, सत्तू में बहुत से मिनरल्स जैसे आयरन, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस आदि पाए जाते हैं, जो शरीर को तुरंत एनर्जी देने का काम कर सकते हैं। सत्तू की तासीर ठंडी होती है, जिसकी वजह से गर्मियों में इसका सेवन करने से लू और डिहाइड्रेशन की समस्या नहीं होती। सत्तू का सेवन उचित मात्रा में सेवन करने से पेट और शरीर को ठंडा रखा जा सकता है।

