आयुष्मान भारत डिजिटल सेवाएं देने वाला प्रदेश का पहला जिला बना सीहोर
अब मरीज घर बैठे मोबाइल से बनवा सकेंगे अस्पताल का पर्चा
मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर होगा रजिस्ट्रेशन और मिलेगा टोकन नम्बर
जिले के सात लाख 50 हजार नागरिकों का डिजिटल हेल्थ रिकार्ड तैया
आभा आईडी की खास बात, मरीजों को लम्बी कतार से मिलेगी निजात
जिला अस्पताल सहित सभी विकासखण्ड स्तरीय अस्पतालों में क्यूआर कोड स्कैन की सुविधा प्रारंभ
आयुष्मान भारत डिजिटल योजना के अन्तर्गत जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने तथा प्रत्येक व्यक्ति की एक यूनिक आईडी यानी आभा आईडी बनाने के साथ डिजिटल सुविधा प्रदान करने वाला सीहोर जिला प्रदेश का पहला जिला बन गया है। पिछले चार माह से जिला अस्पताल सहित विकासखण्ड स्तरीय असपतालों में डिजिटल सेवांए प्रारंभ कर दी गई हैं। जिला पंचायत सभाकक्ष में कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह की अध्यक्षता में आयोजित टीएल बैठक में इन डिजिटल सेवाओं को पीपीटी के माध्यम से सीएमएचओ डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया नें प्रस्तुत किया।
नागरिकों को सुगम एवं त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं डिजिटल माध्यम से प्रदान करने के लिए कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह के मार्गदर्शन में सीएमएचओ डॉ. सुधीर डेहरिया और स्वास्थ्य विभाग की टीम के अथक प्रयासों से जिला अस्पताल सहित विकासखण्ड स्तरीय अस्पताल में डिजिटल सेवा प्रारंभ की गई है। इसके लिए सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य संचालकों के साथ कई दौर की बैठके कर संचालन के लिए एसओपी तैयार की गई है।
कलेक्टर प्रवीण सिंह ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि जिला अस्पताल सहित जिले के सभी विकासखण्ड स्तरीय अस्पतालों में क्यूआर कोड स्कैन के माध्यम से स्कैन एवं शेयर की सुविधा प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिले के 7 लाख 43 हजार से अधिक नागरिकों की आभा आईडी तैयार कर ली गई है। जिले के 06 स्वास्थ्य केन्द्रों पर स्कैनर लगाए गए है, जिससे अब मरीजों को लाइन में लगकर पर्ची बनवाने की जरूरत नही होगी, बल्कि वे स्वयं अपने मोबाइल फोन से क्यूआर कोड स्कैन कर एवं आवश्यक जानकारी दर्ज कर अपनी पर्ची जनरेट कर सकेंगे।
आभा आईडी की खास बात
आयुष्मान भारत योजना के तहत तैयार की गई आभा आईडी हर नागरिक के हेल्थ एकाउण्ट के रूप में काम करेगी। इस हेल्थ एकाउण्ट में स्वास्थ्य से जुड़ी हर छोटी से छोटी जानकारी भी होगी। इसमें प्रत्येक मरीज का परीक्षण, बीमारी, डॉक्टर का अपॉइंटमेंट, डॉक्टर द्वारा दिया गया उपचार और दवाओं का विवरण होगा। आभा आईडी से मरीजों को डिजिटल स्वास्थ्य सुविधाओं का बेहतर, त्वरित, सुगम और सुरक्षित लाभ प्राप्त हो सकेगा। आभा आईडी आधार नम्बर की तरह ही 14 अंकों की होगी। आभा आईडी प्ले स्टोर से आयुष्मान भारत ऐप डाउनलोड को आसानी से बनाई जा सकती है।
अस्पतालों की लम्बी लाइन से मिलेगी निजात
जिला मुख्यालय सहित जिले के विकासखण्ड स्तरीय आभा ई-अस्पतालों में स्कैनर लगाए गए है, जिससे अब मरीजों को लाइन में लगकर पर्ची बनवाने की जरूरत नही होगी, बल्कि वे स्वयं अपने मोबाइल फोन से क्यूआर कोड स्कैन कर एवं आवश्यक जानकारी दर्ज कर अपनी पर्ची जनरेट कर सकेंगे। अपने स्वास्थ्य रिकार्ड्स डिजिटल रख सकते हैं। इसके लिए जिल के 06 अस्पतालों में पृथक से पंजीयन काउंटर प्रारंभ किए गए हैं।

