August 3, 2026

जिले के 10 लाख से अधिक मतदाता तीन संसदीय क्षेत्र के सांसद चुनने में महत्पूर्ण भूमिका अदा करेंगें
जिले में 7 और 13 मई को दो चरणों में होगा मतदान

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सीहोर,
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लोकसभा निर्वाचन 2024 की तारीखों की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता भी पूरी तरह से प्रभावशील हो गई है। जिसका सख्ती से पालन कराया जाएगा।
भोपाल संसदीय क्षेत्र-19 भोपाल के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र सीहोर-159 में 265 मतदान केन्द्रों के माध्यम से 223671 मतदाता अपने मतधिकार का प्रयोग कर भोपाल संसद का चुनाव करेगें। इसी प्रकार संसदीय क्षेत्र 18 विदिशा के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र 156-बुधनी में 363 मतदान केन्द्रों के माध्यम से 276599 मतदाता और इछावर में 275 मतदान केन्द्रों के माध्यम से 226913 मतदाता विदिशा संसदीय क्षेत्र के सांसद  का चुनाव करेगें। देवास संसदीय क्षेत्र 21 के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र 157 आष्टा में 335 मतदान केन्द्रों के माध्यम से 279449 मतदाता अपने मतधिकार का प्रयोग कर देवास सांसद का चुनाव करेगें।
आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से प्रभावशील
एम.सी.सी. घोषणा के 24 घण्टे के अंदर
जिले में आदर्श आचार संहिता भी पूरी तरह से प्रभावशील हो गई है जिसके तहत ऑफिशियल बेवसाईट एवं कार्यालय से राजनैतिक व्यक्तियों के फोटोग्राफ हटाना, सरकारी संपत्ति/शासकीय कार्यालय से वॉल (दीवार लेखन, पोस्टर, पंपलेट, पेपर, होर्डिंग, बैनर, झण्डे आदि हटाना, सिंगल विंडो ए.सी. एवं जिला स्तर पर संचालित करना,एम.सी.सी. घोषणा के 48 घण्टे के अंदर,पब्लिक प्रापर्टी से संपत्ति विरूपण की कार्यवाही कराना, वाहन जैसे पानी के टैंकर, एम्बूलेंस, नगर पालिका/परिषदों के कचरा गाडी, पंचायत एवं अन्य स्थानों पर उपलब्ध पानी के टैंकर, फायर फाईटर आदि पर अंकित किसी भी राजनैतिक चिन्ह, फोटो नाम आदि को छुपाना/हटाना आदि शामिल है।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जैसे ही निर्वाचन का कार्यक्रम जारी किया जाता है उसी दिन उसी समय से आचार संहिता प्रभावशील हो जाती है और निर्वाचन समाप्त होने तक प्रभावशील रहेगी,
यह समान रूप से राज्य सरकार के अधीन गठित समिति, संगठन, बोर्ड, आयोग, स्थानीय निकाय, शासकीय संगठन सभी पर लागू होगी ।
आदर्श आचार संहिता के तहत शासकीय सर्किट हाउस,रेस्ट हाउस, गेस्ट हाउस
निर्वाचन प्रेक्षक एवं निर्वाचन पदाधिकारियों को आवंटित किये जावेगे।  जिन्हें उच्च स्तर की सुरक्षा प्रदाय की गई है, उन्हें भी सीमित अवधि/समय के आवंटित किये जा सकेगे लेकिन कोई राजनैतिक मीटिंग आदि नहीं ले सकेगे।
अन्य महत्वपूर्ण
शासकीय व्यय पर किसी भी योजना का नया विज्ञापन, होर्डिग्स प्रचार नहीं किया जावेगा ।
शासकीय बेवसाईट एवं शासकीय कार्यालयों आदि से पॉलिटिकल एक्जीक्यूटिव के फोटो हटाना है। आमसभा, रैली, रोड-शो केवल अनुमति से की जा सकेगी। लाउड स्पीकर का उपयोग सक्षम अनुमति से किया जावेगा । रातः 10:00 बजे से प्रातः 6:00 बजे तक प्रतिबंधित रहेगा।
शासकीय वाहनों का दुरूपयोंग
शासकीय वाहनों का उपयोग चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जा सकेगा। मंत्रियों, निकायों के अध्यक्ष/उपाध्यक्ष आदि के लिए शासकीय वाहन का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। प्रधानमंत्री एवं अन्य राजनेता जिन्हें उच्च स्तर की सुरक्षा प्रदान की गई है, को इस प्रतिबंध से छूट रहेगी । स्वायत संस्थानों, संगठनों के प्रतिनिधि निवास से कार्यालय तक जाने के लिए शासकीय वाहन का प्रयोग कर सकेगे। जैसे रिर्जव बैक, विश्वविद्यालय तथा कॉलेज आदि अन्य संस्थाऐ। यदि शासकीय वाहन का दुरूपयोग पाया जाता है तब अन्य कार्यवाहियों के साथ जप्त भी किया जावेगा। शासकीय कार्यालयों/अधिकारियों द्वारा आउटसोर्स, किराया आदि सभी प्रकार के वाहन शासकीय माने जायेंगे।
आदर्श आचार संहिता के तहत अब ट्रासंफर/पोस्टिंग प्रतिबंध
निर्वाचन कार्य में नियुक्त कर्मचारियों का स्थानांतरण नहीं किया जा सकेगा। यदि आचार संहिता प्रभावशील होने के पूर्व स्थानांतरण हो गया तब भी भारमुक्त एवं ज्वाईन तभी हो सकेगे जब निर्वाचन आयोग से अनुमति प्राप्त कर ली गई हो शासकीय सेवक कोई भी शासकीय सेवक राजनैतिक गतिविधियों में भाग नहीं ले सकेगे। कोई भी शासकीय सेवक निर्वाचन, मतदान, मतगणना अभिकर्ता नहीं हो सकते है। चुनावी आमसभाओं, रैली, रोड शो आदि में शासकीय सेवक जिनकी डयूटी जिला निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग आफीसर ने लगाई हो, को छोडकर अन्य शासकीय सेवक उपस्थित नहीं हो सकेगे और ना ही आमसभा, रैली में भाग लेगे।
आदर्श आचार संहिता का प्रभावशील होना
शासकीय योजनांए एवं निर्माण कार्य नई योजनाओं की घोषणा, कार्यक्रम, परियोजना वित्तीय सहायता, लोकार्पण, शिलान्यास पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगे। शासकीय योजनाओं के अंतर्गत नई स्वीकृति नही की जावेगी । हितग्राही मूलक योजनाओं की समीक्षा पॉलिटीकल एक्जीक्यूटिव द्वारा नहीं की जायेगी।
कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत कोई नई स्वीकृति नहीं की जायेगी। निर्माण कार्यो के स्वीकृति आदेश जारी किन्तु स्थल पर वास्तविक कार्य प्रारंभ नहीं ऐसी स्थिति में नया कार्य प्रारंभ नहीं किया जावेगा।
यदि स्थल पर निर्माण एवं विकास कार्य वास्तविक रूप से चालू हो गया है, वह जारी रहेगा। चिन्हित हितग्राही मूलक योजनाएँ आयोग को सूचित किये बिना,सूचना देकर, अनुमति लेकर निरन्तर चालू रहेगी।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जैसे ही निर्वाचन का कार्यक्रम जारी किया जाता है उसी दिन उसी समय से आचार संहिता प्रभावशील हो जाती है और निर्वाचन समाप्त होने तक प्रभावशील रहेगी।यह समान रूप से राज्य सरकार के अधीन गठित समिति, संगठन, बोर्ड, आयोग, स्थानीय निकाय, शासकीय संगठन सभी पर लागू होगी।

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