श्रीमती ममता दीदी जीवनपर्यन्त बाबा के मिशन के लिए कार्य करती रहीं, वे आनंद मार्गियों के लिए प्रेरणास्रोत थीं
सीहोर राजगढ डायसिस के रेहटी यूनिट में भुक्तिप्रधान जनरल बालकृष्ण माहेश्वरी की पत्नी श्रीमती ममता माहेश्वरी जी पी भुक्तिप्रधान का दिनांक 13-5-2024 को असामयिक निधन हो गया |
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आनन्द मार्ग की गतिविधियों में हमेशा संलग्न रहतीं थीं | कोई बाबा का फेस्टिवल हो वो पूर्ण निष्ठा और भक्तिभाव से परिजनों के साथ मार्गियों के साथ सम्पन्न कराती थीं |
कोरोना काल मात्र 5 परिजनों के साथ उन्होंने 33 दिनों तक 3 घंटे का अष्टाक्षरी सिद्ध महामंत्र ” बाबा नाम केवलम् ” का कीर्त्तन अनुष्ठान सम्पन्न कराया था |
पूरे परिवार के साथ नित्य गुरुसकाश पांचजन्य, शाम में नित्य धर्मचक्र दोनों समय भौजन बनने के बाद उन्हें नैवेद्य लगाकर ही परिजनों को भौजन करातीं थीं | भूत यज्ञ , पितृयज्ञ नित्य सम्पन्न करातीं थी |
आनन्द मार्ग सेमीनार में, धर्म महासम्मेलन में उनकी हमेशा सहभागिता रहती थी |
महीने में दो बार नारायण सेवा करना , इसके साथ वे समाजसेवा के कार्यों से भी जुडी रहतीं थीं |
उनके अंतिम संस्कार में उनकी एक झलक देखने के लिए लोग उनका इन्तजार करते रहे | रेहटी के मुक्तिधाम में आनन्द मार्ग पद्धति से अंतिम संस्कार हुआ, अंतिम बिदाई के समय सभी कि आंँखें नम थीं |
अपने दोनों बेटों का उन्होंने अन्तर्जातीय विवाह (R.M.) किया उनका जीवन आनन्द मार्ग के आदर्श के लिए समर्पित था |
कल उनकी इच्छा अनुसार उनका अंतिम कार्यक्रम श्राद्धानुष्ठान आनन्द मार्ग पद्धति से सम्पन्न हुआ, उज्जैन, देवास, भोपाल, नागदा इन्दोर और अन्यान्य स्थानों से आये मार्गियों के अलावा बडी संख्या में रेहटी आनन्द मार्गी और अन्यान्य स्थानीय और अन्यान्य जगहों से स्नेहीजनों ने अपनी उपस्थिति, दर्ज कराई |
उनका जाना आनन्द मार्ग प्रचारक संघ के लिए स्थानीय यूनिट के लिए अपूर्णीय क्षति है , उन्हें आनन्द मार्ग के प्रति समर्पित भाव के लिए लिए सदैव याद किया जायेगा |
