दो बूंद जिन्दगी की पीलाकर पल्स पोलियों अभियान की शुरुआत
रेहटी
भारत में पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत 1995 में की गई थी। यह अभियान भारत सरकार द्वारा चलाया गया एक प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल है, जिसका उद्देश्य पोलियो वायरस को पूरी तरह से समाप्त करना है। इस अभियान के तहत, जीरो से पांच साल उम्र के सभी बच्चों को पोलियो वैक्सीन की खुराक दी जाती है।पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के सहयोग से हुई। इसका मुख्य उद्देश्य पोलियो के प्रसार को रोकना और इसे जड़ से समाप्त करना था। इसके परिणामस्वरूप, 2014 में भारत को पोलियो मुक्त घोषित कर दिया गया।
इसी तरह आज रेहटी शासकीय स्वास्थ केंद्र में भी पल्स पोलियों अभियान की शुरुआत रामगोपाल टेलर देवी जी ट्रस्ट समिति सदस्य एवं राजीव शर्मा की उपस्थिति में छोटे बच्चो को पोलियो की दो बूंद जिन्दगी की पिलाई कर की गई इस अवसर पर डॉ. अश्विनी दायमा प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, डॉ रामनाथ धुसिया चिकित्सा अधिकारी, डॉ. सौरभ ,डॉ राहुल, सागर , संजय जैन, रजत एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित थे
आज स्वास्थ केंद्र पर दावा पिलाई जाएगी इस के बाद
पल्स पोलियो अभियान के दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। इस प्रकार पल्स पोलियो अभियान से भारत को पोलियो मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाती है।
