रोड़ों पर गायों के झुंड से बढ़ रहा हादसों का खतरा, शासन-प्रशासन नाकाम
सीहोर/रेहटी/
✍️ मुकेश मेहता
– नगर व ग्रामीण अंचलों में सड़कों पर बेखौफ घूम रहे गायों के झुंड हादसों का सबब बनते जा रहे हैं। आए दिन वाहन चालक इन झुंडों से टकराने से बाल-बाल बचते हैं, वहीं कई जगह छोटे-बड़े हादसे भी हो चुके हैं। लेकिन इसके बावजूद शासन-प्रशासन इस गंभीर समस्या के समाधान में नाकाम साबित हो रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि देर रात व सुबह के समय सड़क पर बैठी गायें सबसे ज्यादा खतरनाक साबित होती हैं। तेज रफ्तार वाहनों को अचानक रोकना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं।
सरकार द्वारा गौशाला संचालन और आवारा मवेशियों की व्यवस्था के लाख दावे किए जाते हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत इसके उलट है। सड़क पर बैठी गायें न केवल राहगीरों के लिए खतरा हैं बल्कि यातायात व्यवस्था को भी बाधित कर रही हैं।
क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से सड़कों पर घूम रहे मवेशियों की व्यवस्था की जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि हादसों पर अंकुश लगाया जा सके।

