ओड़िया से रेहटी इटावा सड़क निर्माण में भारी लापरवाही, ठेकेदार-विभाग की मिलीभगत के आरोप
रेहटी (सीहोर)
मुकेश मेहता
रेहटी क्षेत्र में सलकनपुर देवी लोक से जुड़े सड़क निर्माण कार्य को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। ओडिया से रेहटी होते हुए रिझाड़िया तक प्रस्तावित 6 लेन सड़क का कार्य तय समयसीमा में पूरा नहीं हो पाया है, जिससे आमजन में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
जानकारी के अनुसार यह निर्माण कार्य एक वर्ष के भीतर पूरा होना था, लेकिन वर्तमान स्थिति में काम आधा-अधूरा ही पड़ा हुआ है। क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत के चलते कार्य में जानबूझकर ढिलाई बरती जा रही है।
ओडिया से मालिबाया तक कई स्थानों पर सड़क अधूरी पड़ी है और जहां पुलिया बनना था, वहां आज तक निर्माण कार्य शुरू ही नहीं किया गया। इससे वाहन चालकों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं मालिबाया से रेहटी और रिझाड़िया के बीच सड़क के दोनों ओर नाली निर्माण प्रस्तावित था, लेकिन मौके पर नालियों का कहीं अता-पता नहीं है।
रेहटी क्षेत्र में स्थिति और भी चिंताजनक बनी हुई है। मालिबाया-रेहटी मार्ग से लेकर रेहटी डिवाइडर, स्वागत गेट से इटावा तक सड़क की हालत बेहद खराब है। सड़क का एक हिस्सा पूरी तरह खोदा हुआ है, जबकि दूसरी ओर कच्चा कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है। इस पर भी नियमित पानी का छिड़काव (तराई) नहीं होने से धूल के गुबार उड़ रहे हैं, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कत हो रही है।
पिछले एक महीने से निर्माण कार्य पूरी तरह बंद पड़ा हुआ है। सड़क पर बिखरी गिट्टी के कारण आए दिन वाहन फिसल रहे हैं और कई मोटरसाइकिल सवार गिरकर घायल हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
बैंक ऑफ इंडिया के सामने गंभीर लापरवाही उजागर
रेहटी में बैंक ऑफ इंडिया के सामने सड़क निर्माण में एक और बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां पहले से मौजूद नाली को ठेकेदार द्वारा बिना किसी तकनीकी व्यवस्था के सिर्फ मलबा (फरसी) डालकर दबा दिया गया और उसी के ऊपर सड़क बना दी गई। हैरानी की बात यह है कि वहां पानी निकासी के लिए कोई पाइप तक नहीं डाला गया।
विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह का कार्य भविष्य में बड़े खतरे को जन्म दे सकता है। बारिश के दौरान पानी का दबाव बढ़ने पर यह हिस्सा कभी भी धंस सकता है, जिससे सड़क टूटने का खतरा बना रहेगा और मरम्मत कार्य भी बेहद मुश्किल हो जाएगा।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, साथ ही निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कराया जाए ताकि आमजन को राहत मिल सके।
अब बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों की लागत से बन रही इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना में लापरवाही कब तक जारी रहेगी और आखिर जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी?

