नदियों का संरक्षण जनआंदोलन बने, उद्गम स्थलों की रक्षा हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी : मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल
नदियों का संरक्षण जनआंदोलन बने, उद्गम स्थलों की रक्षा हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी : मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल
सोमवती अमावस्या पर गुंजारी नदी उद्गम स्थल तक की पदयात्रा, 113वें पड़ाव पर किया पूजन-अर्चन और संरक्षण का संकल्प
मुकेश मेहता
बुधनी। सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बुधनी क्षेत्र में स्थित पवित्र गुंजारी नदी के उद्गम स्थल एवं गुंजारी-नर्मदा संगम घाट पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और नदियों के उद्गम स्थलों के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प दोहराया।
मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल भोपाल-नर्मदापुरम मार्ग से अपनी पदयात्रा प्रारंभ कर सुबह लगभग 8:20 बजे गुंजारी नदी के उद्गम स्थल पहुंचे। यह पड़ाव नदियों के उद्गम स्थलों के संरक्षण के लिए जारी उनकी यात्रा का 113वां पड़ाव रहा। यहां उन्होंने गौमाता का दूध, श्रीफल, पुष्पमाला एवं प्रसाद अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना और आरती की।
इसके बाद मंत्री पटेल ने उद्गम स्थल से जल लेकर ग्राम पंचायत जोशीपुर स्थित गुंजारी-नर्मदा संगम पहुंचकर मां नर्मदा के दर्शन किए और श्रद्धापूर्वक प्रणाम किया। उन्होंने जनसहयोग से कराए गए संगम घाट के जीर्णोद्धार कार्य का अवलोकन भी किया तथा इस पुनीत कार्य में सहयोग देने वाले स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं का सम्मान किया।
इस अवसर पर मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि “जल ही जीवन है और नदियां जीवन की पथ-प्रदर्शक धारा हैं। सभ्यताओं का विकास नदियों के किनारे हुआ है। आज प्रकृति और जल संरक्षण की चुनौती हमारे सामने है, लेकिन समाज के सामूहिक प्रयासों से हर चुनौती का समाधान संभव है।”
उन्होंने कहा कि नदियों के उद्गम स्थलों का संरक्षण और संवर्धन केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और नैतिक जिम्मेदारी भी है। समाज की सक्रिय भागीदारी से ही जल स्रोतों को संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है।
सोमवती अमावस्या के इस पावन अवसर पर मंत्री पटेल ने जल स्रोतों के पुनर्जीवन, नदियों के संरक्षण एवं उद्गम स्थलों की सुरक्षा के लिए जनजागरण अभियान को और व्यापक बनाने का आह्वान करते हुए इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने की बात कही।
मुख्य बिंदु
मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने गुंजारी नदी उद्गम स्थल पर किया पूजन-अर्चन।
नदियों के संरक्षण अभियान का यह रहा 113वां पड़ाव।
गुंजारी-नर्मदा संगम घाट पहुंचकर मां नर्मदा के किए दर्शन।
जनसहयोग से हुए संगम घाट जीर्णोद्धार कार्य की सराहना।
जल संरक्षण और उद्गम स्थलों की रक्षा को जनआंदोलन बनाने का आह्वान।



