मातृशक्ति के जागरण से होगा विमुक्त एवं घुमंतू समाज का स्वाभिमान और विकास : रितु उदयवाल
मकोड़िया में मातृशक्ति सम्मेलन सम्पन्न, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सरकारी योजनाओं से जुड़ने का दिया संदेश
रेहटी
। ग्राम मकोड़िया में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के घुमंतू कार्य के अंतर्गत आयोजित मातृशक्ति सम्मेलन में विमुक्त एवं घुमंतू समाज की महिलाओं, किशोरियों एवं समाजबंधुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सम्मेलन में समाज के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आत्मनिर्भरता तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुँचाने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला संघचालक रामानंद माहेश्वरी रहे, जबकि मध्यभारत प्रांत घुमंतू कार्य की मातृशक्ति प्रमुख रितु उदयवाल ने मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित महिलाओं को संबोधित किया। इस अवसर पर वनवासी कल्याण विभाग की प्रांत महिला कार्य प्रमुख सीता प्रजापति, प्रचार प्रमुख आलोक जी एवं घुमंतू कार्य के जिला संयोजक दयाराम यदुवंशी विशेष रूप से मौजूद रहे।
अपने संबोधन में रितु उदयवाल ने कहा कि समाज की सबसे बड़ी शक्ति उसकी मातृशक्ति है। यदि माताएँ जागरूक और शिक्षित होंगी तो आने वाली पीढ़ियाँ भी शिक्षित, संस्कारित और आत्मनिर्भर बनेंगी। उन्होंने कहा कि विमुक्त एवं घुमंतू समाज के समग्र विकास के लिए शिक्षा और संगठन सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं।
उन्होंने कहा कि आज भी अनेक परिवार आधार कार्ड, समग्र आईडी, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड सहित आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में शासन की योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। इसलिए प्रत्येक परिवार को अपने सभी जरूरी दस्तावेज तैयार कराकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेना चाहिए।
सम्मेलन में महिलाओं ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास तथा सामाजिक समस्याओं से जुड़े विषयों पर खुलकर अपने विचार रखे। इस दौरान रितु उदयवाल ने बताया कि सेवा भारती के माध्यम से घुमंतू समाज के बच्चों के लिए निःशुल्क पाठशालाएं प्रारंभ करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
उन्होंने मातृशक्ति से बच्चों को नियमित विद्यालय भेजने, बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाने, नशामुक्त परिवार बनाने तथा सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन, शिक्षा, सेवा और संस्कार के माध्यम से ही समाज का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है।
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित महिलाओं एवं समाजबंधुओं ने समाज को संगठित करने, बच्चों को शिक्षित बनाने, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुँचाने का सामूहिक संकल्प लिया। अंत में जिला संयोजक दयाराम यदुवंशी ने आभार व्यक्त किया।
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मुख्य बातें
– मातृशक्ति सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाओं की सहभागिता।
– शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आत्मनिर्भरता पर दिया गया विशेष जोर।
– शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज बनवाने की अपील।
– घुमंतू समाज के बच्चों के लिए निःशुल्क पाठशालाएं शुरू करने का प्रयास।
– महिलाओं से बेटियों की शिक्षा, नशामुक्त परिवार और सामाजिक जागरूकता का आह्वान।यदि यह खबर फ्रंट पेज के लिए प्रकाशित करनी है, तो मैं इसे और भी प्रभावशाली हेडिंग, इंट्रो और अख़बार की प्रोफेशनल प्रस्तुति के साथ तैयार कर सकता हूँ।