सरदार सरोवर परियोजना पर चार राज्यों के बीच ऐतिहासिक समझौता

अमित शाह की मौजूदगी में महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्यप्रदेश ने किया वन-टाइम सेटलमेंट, वर्षों पुराना भुगतान विवाद सुलझा
भोपाल/नई दिल्ली, 8 जुलाई। सरदार सरोवर परियोजना से जुड़े निर्माण लागत के साझाकरण और लंबित भुगतान के वर्षों पुराने विवाद के समाधान की दिशा में मंगलवार को ऐतिहासिक कदम उठाया गया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच लंबित देयों के अंतिम निपटान को लेकर समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
नई दिल्ली में आयोजित बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल की उपस्थिति में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल तथा राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए। बैठक में केंद्र और चारों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
यह समझौता सरदार सरोवर परियोजना की निर्माण लागत के बंटवारे एवं लंबित भुगतान संबंधी विवादों के एकमुश्त निपटान (वन-टाइम सेटलमेंट) का मार्ग प्रशस्त करेगा। इससे वर्षों से लंबित वित्तीय मसलों का समाधान होने की उम्मीद है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल सुरक्षा को मजबूत करने तथा सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने के लिए अनेक ऐतिहासिक पहल की गई हैं। उन्होंने कहा कि चारों राज्यों के बीच लंबे समय से लंबित नर्मदा अवार्ड भुगतान विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान देश में सहयोगात्मक संघवाद का उत्कृष्ट उदाहरण है।
राज्यों के सहयोग की सराहना
अमित शाह ने मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र सरकारों द्वारा रचनात्मक सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि सरदार सरोवर परियोजना से विशेष रूप से मध्यप्रदेश, गुजरात और राजस्थान को सिंचाई, पेयजल तथा बिजली के क्षेत्र में व्यापक लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के जिन क्षेत्रों तक नर्मदा का पानी पहुंचा है, वहां किसानों की आर्थिक स्थिति और भूमि का मूल्य दोनों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
राष्ट्रीय हित सर्वोपरि
गृह मंत्री ने कहा कि जल विवादों का समाधान राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। उन्होंने हाल ही में हरियाणा-राजस्थान जल विवाद के समाधान और अन्य अंतरराज्यीय जल परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पड़ोसी राज्यों की समृद्धि से पूरे देश को लाभ मिलता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस समझौते से भविष्य में अंतरराज्यीय सहयोग और अधिक मजबूत होगा।