वन विभाग लाडकुई की कार्यवाही, अवैध सागौन की सिल्लियां सहित एक मारुति वैन व आरोपी गिरफ्तार…
नसरुल्लागंज । अमित शर्मा

वन परिक्षेत्र लाड़कुई द्वारा लगातार कार्रवाई कर वनों से अवैध रूप से सिल्लियों की परिवहन पर कार्रवाई की जा रही है, विगत दिनों जहां वन विभाग द्वारा एक अज्ञात स्थान से 23 नग सागवान की सिल्लियां जब्त की तो वही दो अलग-अलग स्थानों से मोटर
साइकिल पर परिवहन करते हुए लगभग 20 नग सिल्लियां जब्त की थी।
वही रात्रि को गस्ती के दौरान वन विभाग लाड़कुई (सामान्य) द्वारा एक मारुति वैन सहित 8 नग सागौन की सिल्लियां जप्त की, लेकिन इन सागौन की सिल्लियों के जब्त होने से एक बात तो स्पष्ट रूप से कही जा सकती है कि वन परिक्षेत्र लाडकुई व वन विकास निगम अंतर्गत वनो में वन माफियाओं द्वारा अंधाधुन सागौन के पेड़ों की कटाई की जा रही है और कहीं ना कहीं इन सब बातों से दोनों ही विभाग अनजान नजर आ रहे हैं। क्योंकि जिस मात्रा में सागौन की सिल्लियां जब्त हो रही है वह अवैध कटाई की ओर इशारा करती हैं।
वही रात्रि गस्ती के दौरान जहां वन संप्रदा के साथ मारुति वैन जप्त की गई, तो वही दो आरोपी को भी वन अमले द्वारा पकड़ा गए, वही जब पूछने पर बताया गया कि उन्होंने नसरुल्लागंज निवासी द्वारा अवैध परिवहन करने की बात कही उनका कहना है कि नसरुल्लागंज निवासी द्वारा वन माफियाओं से सागौन की अवैध सिल्लिया खरीदी जाती है और हमारे द्वारा परिवहन कराई जा रही है जिसके लिए हमें 1000 से 1500 रूपए तक भाड़ा दिया जाता है, जिससे यह साफ होता है कि नसरुल्लागंज क्षेत्र में चल रही, फर्निचर की बड़ी-बड़ी दुकानों में अवैध सिल्लियो से फर्नीचर बनाकर क्रय-विक्रय किया जा रहा हैं। देखा जाए तो इस और वन विभाग का ध्यान नहीं है या वह अनजान बना हुआ है, जिससे इन दुकानदारों के हौसले बुलंद है और वह वन माफिया से मिलकर अवैध रूप से सिल्लियो का परिवहन कर रहे हैं।

किसका है संरक्षण…
वही इस सब के बीच एक बात और स्पष्ट होती है कि इसमें किसी वरिष्ठ अधिकारी या नेता का संरक्षण प्राप्त है क्योंकि जिस तरह वनों की लगातार कटाई होना और लगातार सागौन की सिल्लियो का परिवहन संदेह पैदा करता है कि इतना बड़ा गोरखधंधा किसी बड़े नेता या अधिकारी के संरक्षण में ही किया जा सकता है।
क्या होगी कार्यवाही…
वही अब जिस प्रकार वन माफिया द्वारा अवैध परिवहन करने के दौरान पकड़े गए, व्यक्तियों से विभाग द्वारा पूछताछ के बाद जिन लोगों के नाम स्पष्ट होते हैं उन पर वन विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जाएगी यह देखने वाली बात होगी, हालांकि जिस तरह क्षेत्र में वनों की कटाई जोरों पर है और अधिकारी मौन है वह कहीं ना कहीं मिली भगत को दर्शाता नजर आता है।