जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित स्कूल बसों के लिए निर्धारित गाइडलाइन पालन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक अपर कलेक्टर श्रीमती गुंचा सनोबर की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती सनोबर ने सर्वोच्च न्यायालय एवं केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन सभी स्कूल में सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। जारी गाइडलाइन अनुसार सभी स्कूल बसों का रंग पीला होना चाहिये। स्कूल बस में निर्धारित मानक के अनुसार गति नियंत्रक यंत्र (एस.एल.डी.) होना चाहिए। यदि अनुबंधित बस हो तो उक्त बस पर “ऑन स्कूल ड्यूटी” लिखा होना चाहिये। स्कूल बस में प्राथमिक उपचार के लिये फर्स्ट एड बॉक्स होना अनिवार्य है।

इसी प्रकार स्कूल बसों में खिडकियों पर (हॉरिजेन्टल) ग्रिल्स होना अनिवार्य है। स्कूल बस में अग्निशमन यंत्र की सुविधा हो। स्कूल बस में स्कूल का नाम एवं दूरभाष क्रमांक अंकित हो।स्कूल बस में प्रवेश एवं निर्गम हेतु पृथक-पृथक दो दरवाजे होना चाहिये। स्कूल बस के दरवाजों पर लगे ताले ठीक स्थिति में हों। स्कूल बस में शिक्षित, प्रशिक्षित परिचालक हो। किसी भी शिक्षक अथवा पालक को बस में सुरक्षा मुआवना करने की दृष्टि से जाने की सुविधा हो।स्कूल बस के चालक के पास कम से कम पाँच वर्ष पुराना भारी वाहन चलाने का अनुभव हो।स्कूल बस में सीटों के नीचे बस्तों की सुरक्षा के लिए अलग से स्थान हो। स्कूल बस पर ऐसा चालक रखा जाएं, जिस पर लाल बत्ती तोड़ने के जुर्म में एकाधिक बार चालानी कार्यवाही न की गयी हो, जिन चालकों के विरूद्ध ओव्हर स्पीडिंग, शराब पीकर वाहन चलाने, खतरनाक तरीके से वाहन चलाने के अपराध में चालानी कार्यवाही की गयी हो, ऐसे अनाधिकृत व्यक्ति को चालक न रखा जाए। स्कूल बसों में जीपीएस सिस्टम एवं सीसीटीवी कैमरे लगे हों और कार्यरत हों। स्कूल बसों में शिक्षित, प्रशिक्षित परिचारिक हो, जिन बसों में छात्राएँ है वहाँ शिक्षित, प्रशिक्षित परिचारिका हो। स्कूल संचालकों द्वारा एक ट्रांसपोर्टर मैनेजर की नियुक्ति होना चाहिये जो बच्चों की सुरक्षा के लिए उत्तरदायी हो। स्कूल बस में व्हीएलटीडीएवं पैनिक बटन नियमानुसार स्थापित हो।