जल समितियों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण गिरते जल स्तर को लेकर जताई चिंता दिया प्रशिक्षण
सीहोर। गिरते भूजल स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। ऐसे में हमारी जिम्मेदारी और अधिक बन जाती है कि जल का दोहन कम से कम हो और पेयजल की बर्बादी ना हो। जल जीवन संवाद के जरिए जन-जन को जागरूक करने का कार्य ग्राम जल एवं समिति के सदस्य करें व जल जीवन मिशन को सफल बनाएं। उक्त विचार शहर शहर के इंदौर भोपाल स्थित क्रिसेंट रिसोर्ट में समर्थन संस्था सीहोर के माध्यम से वुमन प्लस वाटर अलायंस परियोजना अंतर्गत वाटर एड संस्था के सहयोग से जिला स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन के दौरान वक्ताओं ने कही।
इस संबंध में समर्थन संस्था से जिला प्रबंधक जीत परमार द्वारा बताया गया कि नल जल योजना के सफल संचालन में पानी समितियों की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है इनको ध्यान में रखते हुए संस्था द्वारा पंचायत प्रतिनिधि ,समिति सदस्य एवं स्वयं सहायता समूह सदस्यों को जल जीवन मिशन पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। संस्था द्वारा अभी तक जिले के 100 ग्रामों के लिए इस प्रकार के प्रशिक्षण आयोजित किए गए हैं। कार्यक्रम में उपस्थित सभी ग्रामों के लोगों ने अपने अपने ग्राम की पेयजल सुरक्षा योजना एवं संचालन व्यवस्था को सभी के सामने प्रस्तुत किया साथ ही सभी ने मिलकर जल संरक्षण पर शपथ ग्रहण ली।
30 ग्रामों के 80 समिति सदस्यों ने भाग लिया
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सीहोर जिले के आष्टा, इछावर एवं सीहोर जनपद के 30 ग्रामों के 80 समिति सदस्यों ने भाग लिया। ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति का निर्माण ,जल जीवन मिशन अंतर्गत नल जल योजनाओं के रखरखाव एवं संचालन करने हेतु किया गये प्रशिक्षण के माध्यम से निम्न बिंदुओं पर जानकारी दी गई। भूजल का स्तर बढ़ाने के लिए हमें धरती पर हरियाली बढ़ानी पड़ेगी जिससे मिट्टी का कटाव रुकेगा। पेड़-पौधों व जंगलों को संभालकर रखना होगा। धरती का रखरखाव करके हम भूजल के स्तर को बढ़ा सकते हैं। भूजल का स्तर दो ही तरीकों से बढ़ाया जा सकता है। पहला वर्षा का जल संरक्षित कर और दूसरा परम्परागत जल स्रोतों का संरक्षण कर। वाटर हार्वेस्टिंग सहित जल संरक्षण के लिए सामुदायिक तंत्र विकसित किया जाना चाहिए।
-जीवन मिशन का उद्देश्य
-ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समिति गठन एवं कार्य
-नल जल योजना निर्माण के लिए ग्राम कार्य योजना का निर्माण
-नल जल योजना का रखरखाव एवं संचालन
-पेयजल सुरक्षा-स्त्रोत स्थायित्व योजना निर्माण
-जल कर संग्रहण करने में स्वयं सहायता समूह की भूमिका
कार्यक्रम में समर्थन संस्था से क्षेत्रीय प्रबंधक जीत परमार, धर्मेंद्र पाटीदार, देवेंद्र कदम, भैयालाल सोलंकी, जय मालवी, बलवान ठाकुर, संतोष परमार, अभिषेक परमार, प्रदीप बामनिया, ज्योति मेवाडा, शिवानी पटेल, संतोषी गोहिया अन्य सदस्य शामिल रहे।
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