जिले में रसायनिक उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता। 108 सहकारी समितियों में 3191 मीट्रिक टन यूरिया तथा 3967 मीट्रिक टन डीएपी भंडारित
जिले में सोयाबीन फसल की कटाई के बाद गेंहूँ की बोनी नवम्बर माह से प्रारंभ होगी। गेहूं की बोनी के चलते यूरिया एवं डीएपी की मांग में वृद्धि संभावित हैं। किसान कल्याण तथा कृषि विभाग के उप संचालक श्री केके पाण्डे ने जानकारी दी कि वर्तमान में जिले में किसी भी प्रकार की उर्वरक की कमी नहीं है। सभी स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद का भंडारण कराया गया है। किसान अपनी आवश्यकता अनुसार संबंधित वितरण केन्द्रो से उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि रबी 2022-23 में जिले के लिए 76500 मीट्रिक टन यूरिया एवं 22000 डीएपी की मांग वरिष्ठ कार्यालय को भेजी गयी है। वर्तमान में जिले के 108 सहकारी समितियों में 3191 मीट्रिक टन यूरिया तथा 3967 मीट्रिक टन डीएपी भंडारित हैं तथा यह किसानों को सीधे प्राप्त हो रहा है। इसके अतिरिक्त जिले में एमपी एग्रो के मंडी स्थित विक्रय केन्द्र में 181 मीट्रिक टन यूरिया, 24 मीट्रिक टन डीएपी एवं 30 मीट्रिक टन सुपर फास्फेट उपलब्ध है। उन्होंने जिले के सभी किसान भाइयों से कहा है कि वे अनावश्यक रूप से परेशान न हो। किसान भाई संबंधित सहकारी अथवा समीपस्थ निजी उर्वरक विक्रय केन्द्र से पात्रता अनुसार रासायनिक उर्वरक प्राप्त कर सकते है। कालातीत कृषकों को उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए जिले के सभी विकासखंडों में 22 नगद उर्वरक विक्रय केन्द्र स्थापित किये गये है।
