कलेक्टर ने बच्चों के साथ मनाया दीपावली का त्योहार साथ ही वृद्धजनों एवं ज़िले के नागरिकों को दीपावली की शुभकामनाएँ दी
कलेक्टर चंद्र मोहन ठाकुर ने आनंद विभाग और संडे का सुकून संस्था के साथ “हर घर दिवाली” अभियान के तहत सीहोर नगर के मरी माता मंदिर, इंदिरा नगर सहित अनेक स्थानों पर बच्चों के साथ दिवाली त्योहार मनाया। इस दौरान उन्होने बच्चों को मिठाई, उपहार के वितरित करने के साथ ही उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं दी। इस दौरान उन्होंने बच्चों के साथ कुछ समय बिताया और बच्चों द्वारा प्रस्तुत नृत्य देखा तथा उनका उत्साहवर्धन किया। साथ ही उन्होंने बच्चों से वार्तालाप भी किया। इस अवसर पर एसडीएम अमन मिश्रा, नायब तहसीलदार सुश्री पूर्णिमा शर्मा, आनंद विभाग के नोडल अधिकारी श्री संजय जोशी उपस्थित थे।


कलेक्टर ने से भेंट कर दीपावली की शुभकामनाएं दी
दीवाली के शुभ अवसर पर कलेक्टर श्री चन्द्र मोहन ठाकुर ने संकल्प वृद्धा आश्रम पहुंचकर वृद्धजनों से भेंट की। उन्होंने वृद्धजनों को दिपावली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए उनसे आशीर्वाद लिया और उन्हें उपहार वितरित किए। इस अवसर पर एसडीएम श्री अमन मिश्रा, नायब तहसीलदार सुश्री पूर्णिमा शर्मा, आनंद विभाग के नोडल अधिकारी श्री संजय जोशी, संकल्प वृद्ध आश्रम के संचालक श्री राहुल सिंह, श्री राकेश शर्मा, श्री आनंद व्यास, श्री अमित जैन उपस्थित थे।

दीपावली दूसरों के जीवन में खुशिया बाँटकर मनाए- कलेक्टर ठाकुर
कलेक्टर ने जिले के नागरिकों को दी दीपावली की शुभकामनाएं
कलेक्टर चन्द्र मोहन ठाकुर ने जिले के नागरिकों को दीपावली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीपावली त्यौहार लोगो में खुशियॉ बांट कर मनाए। इस प्रकाश पर्व पर केवल ग्रीन पटाखे का ही उपयोग करें जिससे पटाखों से होने वाले प्रदूषण को कम किया जा सके और मिट्टी के दियों का उपयोग करें। उन्होने सभी नागरिकों से सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से दीपावली का त्योहार मनाने की अपील की है।


दीपावली खुशियों का त्यौहार होने के साथ-साथ एक ऐसा पर्व है जिसका आध्यात्मिक और व्यवहारिक दोनों दृष्टियों से बहुत महत्व है। दीपावली हमारे समाज में मनाया जाने वाला सबसे बड़ा दीपोत्सव पर्व है। यह खुशियाँ बाँटने का पर्व हैं इसलिए इसे दूसरों के जीवन में खुशियों का प्रकाश फैलाकर मनाएँ। भारतीय संस्कृति में त्यौहारों का विशेष महत्व है। देश में मौसम के अनुसार उत्सवों और पर्वों का आयोजन किया जाता है। त्यौहार आज की व्यस्त जिंदगी में परिजन के साथ मिलकर खुशियाँ मनाने का मौका देते हैं। यह हमारी परम्पराओं और सांस्कृतिक विरासत को भावी पीढ़ी में हस्तांतरित करने का भी अवसर है
