August 3, 2026

छात्रावास की व्यवस्थाओं में लापरवाही बरतने पर दो छात्रावास अधीक्षकों की दो-दो वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश

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संभागायुक्त ने कन्या छात्रावासों का किया निरीक्षण

ग्राम इटारसी में अमृत सरोबर तालाब का किया निरीक्षण

भोपाल संभागायुक्त मालसिंह भयड़िया ने नसरूल्लागंज में कन्या छात्रावासों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्रावासों में छात्रों को प्रदाय किए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता, छात्रावास परिसर में सफाई व्यवस्था, लाइट पंखे, टीवी, खेलकूद व्यवस्था सहित अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर कन्या छात्रावास नसरूल्लागंज में खाद्यान्न रजिस्टर मेंटेन नहीं करने तथा डाइट चार्ट नहीं रखने पर कन्या छात्रावास की अधीक्षक सुश्री शीतल चौहान की दो वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए। साथ ही शासकीय आदिवासी सीनियर कन्या छात्रावासनसरूल्लागंज में टीवी तथा लाइट बंद पाए जाने पर अधीक्षक श्रीमती मसर्रत खान की दो वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक को भी नोटिस देने के निर्देश दिए।

      संभागायुक्त श्री भयड़िया ने छात्रावासों में, भोजन कक्ष, शयन कक्ष तथा छात्रावास परिसर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्राओं से चर्चा कर छात्रावास में मिलने वाली व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। उनके पूछने पर छात्राओं द्वारा बताया गया कि उन्हें छात्रावास में सभी आवश्यक सुविधाएं मिल रही है। उन्होंने छात्राओं के कमरों में साफ-सफाई का भी निरीक्षण किया। उन्होंने छात्रावासों में डाइट रजिस्टर मेंटेन करने तथा छात्रावासों में छात्राओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के एसडीएम को निर्देश दिए। उन्होंने छात्रावासों में शौचालयों की भी नियमित साफ-सफाई कराने तथा छात्रावास परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान एसडीएम श्री राधेश्याम बघेल, श्री दिनेश तोमर सहित संबंधित विभागो के जिला अधिकारी उपस्थित थे।

ग्राम इटारसी में अमृत सरोबर तालाब का किया निरीक्षण

भोपाल संभागायुक्त श्री माल सिंह भयड़िया ने ग्राम इटारसी में अमृत सरोबर तालाब का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्रामवासियों से चर्चा की। उनके पूछने पर ग्रामवासियों ने बताया कि अमृत सरोबर तालाब से गांव के भू-जल स्तर मे सुधार आया है। अब गांव की पानी की कोई दिक्कत नही होती है और पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध हो जाता है। उन्होंने कहा कि स्व सहायता समूहों के माध्यम से अमृत सरोबर तालाब में मत्स्य पालन तथा सिंगाड़े उत्पादन के साथ ही अन्य आर्थिक गतिविधियां संचालित की जाए।

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