जहां धर्म होता है वहीं विजय होती है-मुनि श्रीपंच कल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव में निकाला भव्य चल समारोहशहर के प्रमुख मार्ग पर इंद्र-इंद्राणी, क्षेत्रवासियों ने किया भव्य स्वागत
सीहोर। धर्म से जीवन की रक्षा होती है। जहां धर्म है वहीं विजय है। जहां अधर्म है वहां पराजय है। भगवान श्री राम ने सत्य का साथ दिया था, इसलिए रावण से विजय मिली थी, रावण को तो उसके भाई विभीषण ने भी त्याग दिया था, क्योंकि वह अधर्म के रास्त पर था। उक्त विचार शहर के बाल विहार मैदान में 1008 मज्जिनेंद्र पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव एवं विश्व शान्ति महायज्ञ में मुनि श्री संस्कार सागर महाराज ने कहे। सोमवार को शहर के बाल विहार मैदान से भव्य रूप से चल समारोह निकाला गया। चल समारोह को शहर के चौराहे-तिराहे पर क्षेत्रवासियों ने पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया। वहीं मंगलवार की शाम को प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान मुनि श्री का आशीर्वाद ग्रहण करेंगे और इस दौरान जैन समाज के द्वारा सीएम श्री चौहान का शाल-श्रीफल से सम्मान किया जाएगा और साथ स्मृति चिंह भी भेंट किया जाएगा।
इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रवक्ता विमल जैन ने बताया कि तीसरे दिन जन्म कल्याणक के विधि-विधान कराए गया। इसमें तीर्थकर बालक का जन्म होता है। सुबह सवा छह बजे मंगलाष्टक, दिग्बंधन, पात्र शुद्धि, अभिषेक, शांतिधारा, नित्यमह पूजन, हवन आदि के अलावा सुबह साढ़े सात बजे प्रभु का जन्म, जन्म की बधाई, इंद्रसभा एवं राजदरबार, इंद्राणी द्वारा प्रथम दर्शन, इंद्र द्वारा सहस्राक्ष दर्शन। सुबह नौ बजे मुनि श्री की मंगल देशना, दोपहर बारह बजे जन्माभिषेक जुलूस प्रारंभ, पाण्डुक शिला पर जन्माभिषेक, बालक का श्रृंगार, वहीं दोपहर दो बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं मुनि श्री की मंगल देशना, शाम साढ़े छह बजे गुरु भक्ति, सात बजे संगीतमय महा आरती, रात्रि साढ़े सात बजे शास्त्र सभा और आठ बजे पालनहारे का पालना और बालक्रीड़ा का आयोजन किया गया।
सोमवार को प्रवचन के दौरान मुनि श्री संस्कार सागर महाराज ने कहा कि प्रत्येक कार्य को अच्छे से सोचकर ही करना चाहिए, मगर जब कार्य अच्छा ही हो तब ज्यादा सोचना भी नहीं चाहिए। मन में अच्छे संकल्पों के बीज अंकुरित हो जाएं तो उन्हें कल पर भी नहीं टालना चाहिए, क्योंकि मानव मन की स्थिति सदैव एक जैसी नहीं रहती। हो सके जो शुभ संकल्प अभी मन में आया हो वह कल नहीं भी आए और ऐसे ही कभी बुरे विचार मन में आने लगे तो वहाँ त्वरित क्रिया की जगह थोड़ी देर के लिए उस कार्य को टाल देना चाहिए क्योंकि अच्छे विचार यदि बार – बार नहीं आते तो सच्चाई ये भी है कि बुरे विचार भी बार-बार नहीं आते। अच्छे को आज करो और बुरे को कल पर टाल दो ये भी सुखी और सफल जीवन की एक कुंजी है। इसलिए सदैव धर्म के मार्ग का अनुसरण करना चाहिए।
आज किया जाएगा तप कल्याणक का आयोजन
1008 मज्जिनेंद्र पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव एवं विश्व शान्ति महायज्ञ में मंगलवार को मंगलवार को सुबह साढ़े छह बजे मंगलाष्टक, दिग्बंधन, पात्र शुद्धि, अभिषेक, शांतिधारा, त्यिग्रह पूजन, जन्म कल्याणक पूजन, हवन आदि अनुष्ठान के पश्चात सुबह नौ बजे मुनि श्री की मंगल देशना, दोपहर साढ़े बारह बजे पाणिग्रहण संस्कार, राज्याभिषेक, भेंट समर्पण, महामंडलेश्वर नियुक्ति, सेनापति नियुक्ति, वटकर्म, उपदेश, दंडनीति स्थापना, ब्राह्ी-सुन्दरी शिक्षा, राज्य संचालन, नीलान्जना नृत्य, लौकान्तिक देवागमन, युवराज भरत, बाहुबली राज्य तिलक, दीक्षाभिषेक, दीक्षावन गमन, दीक्षा संस्कार विधि, मुनि श्री ससंघ का पिच्छिका परिवर्तन पत्पश्चात मुनि श्री की मंगल देशना, शाम को साढ़े छह बजे गुरु भक्ति, सात बजे संगीतमय महा आरती, साढ़े सात बजे शास्त्र सभा और रात्रि आठ बजे भरत बाहुबली दरबार एवं युद्ध (सांस्कृतिक कार्यक्रम) का आयोजन किया जाएगा।
भवदीय
विमल जैन
9826088559

