हड़ताल का 15 वां दिन संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने पीएम और सीएम को एक साथ किया ई-मेल 2 जनवरी को निकालेंगे न्याय यात्रा, आज आश्वासन और मिले सम्मान पत्रों की सामूहिक रूप से होली जलाई जाएगी
सीहोर। सहित प्रदेश के सभी जिलों में 32000 कर्मचारियों द्वारा 15 दिसम्बर से अपनी दो प्रमुख मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन हडताल कर रहे है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा लगातार प्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे है। लेकिन कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है, इसलिए मेल आईडी के द्वारा प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, अपर मुख्य सचिव मिशन संचालक को पत्र भेजे गए। गुरुवार को शहर के बस स्टैंड के समीपस्थ टाउन हाल पर बड़ी संख्या में हड़ताल पर बैठे संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने एक साथ सैकड़ों की संख्या में अपनी मांगों के समर्थन में ई-मेल किया। जानकारी के अनुसार शुक्रवार को कर्मचारियों को मिले आश्वासन और सम्मान पत्रों की सामूहिक होली जलाई जाएगी, इसके अलावा दो जनवरी को न्याय यात्रा निकाली जाएगी। गुरुवार को धरना स्थल पर बुधनी और नसरुल्लागंज के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय कर्मचारी मौजूद थे।
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने शहर के बस स्टैंड टाउन हाल स्थित धरना स्थल पर दो प्रमुख मांगों को लेकर पत्र भेजें एवं विरोध प्रदर्शन किया। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष अंबर मालवीय ने कहा कि गुरुवार को हमारी मांगों के समर्थन में सेवादल कांग्रेस सहित क्षेत्रवासियों ने प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होगी, प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सहित पूरे प्रदेश में विरोध-प्रदर्शन और धरना आंदोलन जारी रहेगा। कोरोना काल के समय संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना दिन रात काम किया था। अनेक कोरोना मरीजों को कोविड-19 बीमारी से बचाया गया था, लेकिन सरकार हमें नियमित नहीं कर रही है। संविदा कर्मचारी अल्प वेतन में काम कर रहे हैं। जबकि परमानेंट कर्मचारी चार गुना अधिक वेतन पा रहे हैं। नियमितीकरण की प्रक्रिया स्वास्थ्य मिशन को छोड़कर हर विभाग में लागू है। जबकि संविदा कर्मचारियों को अन्य भत्ते और अवकाश पात्रता भी नहीं दी गई है। इसलिए मजबूरी में यह कदम उठाना पड़ रहा है।
गत दिनों हड़ताल करने वालों पर की थी तानाशाही
आंदोलनरत कर्मचारियों का कहना है कि हम हमारी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन कर रहे है। इसके बाद भी कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज किए गए आठ कर्मचारियों को जेल भेजा गया था उसमें दीपक सक्सेना बीपी शुगर की दवाइयां लेते थे लेकिन जेल में दवाइयां नहीं ले भारी तनाव के चलते लकवा के शिकार हो गए ग्रीन सिटी हास्पिटल में भर्ती थे, शासन प्रशासन द्वारा भी इस बात को लेकर कोई संज्ञान नहीं लिया गया हमारी दो प्रमुख मागे सभी कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए। राष्टीय स्वास्थ्य मिशन से हटाकर आउट सोर्स किए गए सपोर्ट स्टाफ एवं निष्कासित कर्मचारियों की तत्काल बहाली के आदेश नहीं होंगे जब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी इस बीच में जो भी सेवाएं प्रभावित होंगी उसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। गुरुवार को धरना स्थल पर संघ के जिलाध्यक्ष अंबर मालवीय, नम्रता कूड़ें, निशा अचाले, मनीष दुबे, रोहित सिसोदिया, असद ख़ान, मेघा बागडे, दुर्गा कलपूरे, मोनिका रावत, भारती कतिया, प्रिया बागडे गायत्री जाटव, डॉक्टर पल्लवी तायडे, डॉक्टर शुभम, डॉ प्रशांत गुप्ता, डॉ गौरव पोटफोड़े, प्रीति पांसे, उमा विश्वकर्मा, सीमा पाटिल, विनीता यादव, रमेश शर्मा, रमेश साकेत और रुप सिंह, सरोज प्रजापति आदि शामिल थे।
