August 3, 2026

जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन 25 मार्च से प्रारंभ होगा. गेहूं का समर्थन मूल्य 2125 रूपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है

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जिले में रबी विपणन में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन 25 मार्च से प्रारंभ होगा। भारत सरकार द्वारा रबी विपणन मौसम 2023-24 के लिए औसत अच्छी गुणवत्ता (FAQ) के गेहूं का समर्थन मूल्य 2125 रूपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है।समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन 25 मार्च से 10 मई तक की जाना हे। कृषकों के गेहूं उपार्जन कार्य सप्ताह में 5 दिवस सोमवार से शुक्रवार प्रातः 8:00 से शाम 8:00 बजे तक किया जाएगा एवं कृषक तौल पर्ची सायं 6 बजे तक जारी की जाएगी।

​किसानों की सुविधा एवं अन्य व्यवस्थाओं को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह ने गेहूं उपार्जन के लिए अपर कलेक्टर श्री ब्रजेश सक्सेना को नोडल अधिकारी बनाया है। अपर कलेक्टर श्री सक्सेना को उपार्जन संबंधी समस्त कार्यवाही संपादित करने के आदेश दिए गए है। जारी निर्देशानुसार जिन कृषकों की उपज की तौल अपरिहार्य कारणवश सोमवार से शुक्रवार के बीच निर्धारित दिवस को नहीं हो सकेगी उनकी तौल शनिवार को की जाएगी। शनिवार एवं रविवार को शेष स्कंध का परिवहन, भण्डारण, लेखा का मिलान तथा अस्वीकृत स्कंध का अपग्रेडेशनकी जावेगी। यदि किसी केन्द्र पर कृषकों के द्वारा गेहूं विक्रय पूर्ण कर लिया गया हो तो उपार्जन कार्य 2 सप्ताह बाद स्थगित किया जा सकेगा। उपार्जन एजेंसी का निर्धारण एवं क्रियान्वयन विगत तीन वर्षों में उपार्जन मात्रा में औसत वृद्धि एवं गेहूं के उपार्जन अनुमान की गणना अनुसार की जाएगी। इस अनुमानित मात्रा के अनुसार जिले में बारदाना, साख-सीमा, परिवहन, भंडारण, निस्तारण एवं पर्यवेक्षण आदि की व्यवस्था के लिए जिले की उपार्जन ऐजेंसी उत्तरदायी रहेगी। भारत सरकार द्वारा रबी विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए राज्य के उपार्जन अनुमान मात्रा अनुसार उपार्जन किया जाएगा। मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन (MPSCSC) भोपाल संभाग में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन 25 मार्च से 10 मई तक किया जाना हे।

​जिला उपार्जन समिति के अध्यक्ष कलेक्टर द्वारा उपार्जन प्रबंधन स्वयं के नेतृत्व में किया जाएगा। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र के लिए दो-दो नोडल अधिकारी नामित किए जाऐंगे, जो उस उपार्जन केन्द्र की गतिविधियों के पर्यवेक्षण के लिए उत्तरदायी होंगे। नोडल अधिकारी के रूप में कृषि विभाग के अमले को लगाया जाए ताकि उनके द्वारा गुणवत्ता परीक्षण का कार्य भी किया जा सके। केन्द्रवार नोडल अधिकारी eKYC के माध्यम से ऑथेंटिकेशन किया जाए। उपार्जन एवं भुगतान की समस्त व्यवस्था को कम्प्यूटरीकृत करने का दायित्व संचालक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण का होगा। उपार्जन से संबंधित समस्त साफ्टवेयर के निर्माण का कार्य NIC द्वारा उपार्जन प्रारंभ होने के पूर्व पूर्ण कर लिया जाएगा। इस के लिए प्रोजेक्टमैनेजमेंट यूनिट का नियंत्रण संचालक (खाद्य) के अधीन होगा, जो कि e-Uprajan, Civil Supplies Monitoring System (CSMS) एवं JIT/PFMS के साफ्टवेयर एप्लीकेशन के प्रोटोकाल अनुसार कार्य संपादित किया जाएगा। इस व्यवस्था अंतर्गत समस्याओं के संकलन एवं निराकरण समय-सीमा में करने के लिएप्रत्येक स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। 

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