विश्व नर्स दिवस पर किया महिला स्वास्थ्यकर्मियों का सम्माननर्सें हमारे स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली की रीढ़ है-सिविल सर्जन डॉ. प्रवीर गुप्ता
सीहोर। नर्सें हमारे स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली की रीढ़ हैं जो भयावह महामारी के बीच लंबे से अपनी जान जोखिम में डाल कर लोगों की सेवा कर रही हैं। उस दौर में तो जब कोरोना महामारी के दौरान हर रोज बड़ी संख्या में मरीज भर्ती होते थे, उनके उपचार के लिए लगी रही। उक्त विचार शहर के सैकड़ाखेड़ी स्थित संकल्प नशा मुक्ति केन्द्र / वृद्धाश्रम में आयोजित विश्व नर्स दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जिला अस्पताल में पदस्थ सिविल सर्जन डॉ. प्रवीर गुप्ता ने कहे।
शुक्रवार को केन्द्र पर शासकीय अस्पताल में तैनात नर्सिंग स्टाफ का सम्मान किया गया। कोरोना काल के दौरान नर्स स्टाफ ने अपनी जान पर खेलकर कोविड संक्रमित मरीजों की देखभाल की थी, इनकी मेहनत के चलते ही सैकड़ों मरीजों की जान बच सकी है। एक समारोह रखकर नर्सिंग ड्यूटी पर तैनात महिला स्वास्थ्यकर्मियों को गुलाब के फूल, उपहार देकर उनकी सेवा का आभार जताया।
कार्यक्रम में उपस्थित केन्द्र के संचालक राहुल सिंह ने विश्व नर्स दिवस का महत्व बताते हुए कहा कि हर साल 12 मई को इंटरनेशनल नर्सेस डे मनाया जाता है। यह दिन मॉडर्न नर्सिंग की जन्मदाता फ्लोरेंस नाइटिंगेल के सम्मान में उनकी जयंती पर सेलिब्रेट किया जाता है। नर्स दिवस हमारे समाज और हेल्थकेयर इंडस्ट्री में नर्सों के महत्वूर्ण रोल को याद करने के लिए मनाया जाता है, यह दिन दुनियाभर में नर्सों को सम्मान देने के महत्व पर जोर देता है और लोगों को इन बहादुर व मेहनती पेशेवरों के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित करता है। जब भी विश्व में महामारी का दौर आता है, तब नर्स फ्रंटलाइन में खड़े होकर लोगों की जिंदगियां बचाने की कोशिश करती हैं। पूर्व में कई बार कठिन दौर में भी ऐसा ही हुआ। वर्तमान में भी अस्पताल में सबसे अधिक उपचार की जिम्मेदारी इनके ही कंधे पर रहती है। कार्यक्रम के दौरान केन्द्र के प्रभारी नटवर कुशवाहा ने आभार व्यक्त किया और संचालन राकेश शर्मा ने किया। इस दौरान ममता शर्मा, अंजली सोनी, दीपाली जैन आदि शामिल थी। जिन्होंने नर्स स्टाफ की विमला यादव सहित अन्य का सम्मान किया।
नशे के दानव से लड़ने के लिए तैयार रहे
केन्द्र में हितग्राहियों से मिलने पहुंचे सिविल सर्जन डॉ. गुप्ता ने कहा कि आज नर्स दिवस है और हम केन्द्र में आए है, आप लोग संकल्प ले कि हमें इस लत से मुक्त होकर दूसरो को नशा मुक्ति का संदेश देना है। नशा एक सामाजिक बुराई है। इससे लड़ने के लिए समाज के सभी लोगों को एकजुट होना होगा। तभी हम इस अभिशाप को जड़ से खत्म कर सकते हैं। नशा शरीर के लिए जहां खतरनाक है, वहीं अपराध का भी मुख्य कारण है। अनेक युवा जो नशे में किसी कारणवश धंस जाते हैं और फिर उस नशे की पूर्ति के लिए कोई भी आपराधिक वारदात करने से नहीं हिचकिचाते। नशा मुक्त व अपराधमुक्त समाज की स्थापना के लिए हम सभी को मिलकर कदम उठाने होंगे। नशे के दानव से लड़ने के लिए तैयार रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी नर्स ने मिलकर संकल्प दिलाया।
