गर्भावस्था के उच्च जोखिम की स्थिति की पहचान एवं बचाव
एक्सटेंडेड प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व के तहत स्वास्थ्य संस्थाओं में सुविधा
सीहोर,
गर्भावस्था में उच्च जोखिम की स्थिति की पहचान एवं बचाव के उपाय की जानकारी के साथ गर्भावस्था के दौरान पोषण आहार, व्यायाम, आयरन फोलिक एसिड के सेवन इत्यादि जानकारी भी महिलाएं आसानी से प्राप्त कर सकेंगी। यह सुविधा एक्सटेंडेड प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रारंभ की जायेगी। गर्भवती महिलाओं की जांच प्रत्येक माह की निर्धारित तारिखों में किया जाता है एक्सटेंडेड प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व किया जा रहा है। गर्भावस्था की दूसरी एवं तीसरी तिमाही की महिलाओं की जांच कर हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं का चिन्हांकन किया जा रहा है। गर्भवती महिलाएं स्वयं ही उच्च जोखिम के लक्षणों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगी। गर्भवती महिलाओं में खून की कमी के लक्षण, एनीमिया के दुष्प्रभाव, एनीमिया से बचाव के उपाय, आयरन की गोलियों के लाभ, गर्भावस्था में मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप, पोषण आहार एवं सामान्य व्यायाम जैसी उपयोगी जानकारियां गर्भवती महिला एवं उनके परिजन जान सकेंगे ।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि गर्भावस्था में एनीमिया, गर्भावस्था जनित उच्च रक्तचाप, गर्भावस्था जनित डायबिटिज़, पूर्व में ऑपरेशन द्वारा प्रसव इत्यादि लक्षण होने पर हाई रिस्क प्रेगनेंसी के रूप में चिन्हित किया जाता है। इन महिलाओं को विशेष चिकित्सकीय देखभाल एवं परामर्श की सेवाए प्रदान की जाती है। मातृ मृत्यु दर को न्यूनतम करने के लिए, उच्च जोखिम की गर्भवती महिलाओं का सही समय पर चिन्हांकन किया जाना बेहद आवश्यक है। जिससे इन गर्भवती महिलाओं को विशेष देखभाल एवं चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध करवाई जा सके। हाईरिस्क महिलाओं की न्यूनतम 4 जांचों के साथ 3 अतिरिक्त जांचे भी की जाती हैं। जिनमें से न्यूनतम एक जांच स्त्री रोग विशेषज्ञ द्वारा की जाती है।