अवैध रूप से चल रही प्राचीन जगदीश मंदिर में आरा मशीन
परमार समाज ने कहा तत्काल आरा मशीन बंद करे प्रशासन
सीहोर। लंबे समय से शहर के मध्य प्राचीन जगदीश मंदिर पर इन दिनों अवैध रूप से आरा मशीन चल रही है। परमार समाज के लोगों का कहना है कि इस आरा मशीन का लायसेंस समाप्त हो गया है। इसके बाद भी एक वरिष्ठ समाजसेवी इसको किराए पर देकर 50 हजार रुपए महिना ले रहा है, समाज को मंदिर में बाउंड्रीवाल का निर्माण के साथ सौंदर्यीकरण करना है, लेकिन परिसर में आरा मशीन होने के कारण कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर परमार समाज के चंदर सिंह मंडलोई, पूर्व अध्यक्ष तुलसीराम पटेल, शिव परमार मुरली, विष्णु परमार रोलूखेड़ी,, मुकेश परमार, विक्रम सिंह, अनार सिंह, महेन्द्र सिंह, देव नारायण, विजय परमार, सुहागमल बमूलिया, सुनील परमार, बने सिंह, हेमराज, प्रहलाद, हरीश परमार, गुलाब परमार, भंवरलाल, भगवान सिंह, वीर सिंह और संतोष परमार आदि शामिल है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए पूर्व चल समारोह के अध्यक्ष विष्णु परमार रालूखेड़ी ने बताया कि प्राचीन जगदीश मंदिर परमार समाज के अलावा शहरवासियों की आस्था का केन्द्र है, लेकिन एक वरिष्ठ समाजसेवी यहां पर लंबे समय से मंदिर की जमीन पर आरा मशीन किराए से देकर अवैध रूप से आरा मशीन चला रहा है, रविवार को समाज के लोगों ने इस संबंध में निर्णय लिया है कि अगर सात दिन में प्रशासन ने तत्काल इस ओर ध्यान नहीं दिया तो आगामी दिनों में परमार समाज पूरी एकजुटता से आंदोलन करेंगा। उनका कहना है कि वन विभाग की ओर से न तो इनके पास लाइसेंस प्राप्त है और न ही वे वन विभाग के कोई नियम-कानून को मानते है। विभागीय स्तर पर इस प्रकार के अवैध कारोबार पर रोक लगाने की दिशा में अबतक कोई ठोस करवाई नहीं की गई, लिहाजा उन लोगों का हौसला बुलंद है। वहीं परमार समाज आरा मशीन को हटाने के लिए चक्कर काट रहा है।
भवदीय
विष्णु परमार मोबाइल नंबर 9907493902
