एफएक्यू के निर्धारित मापदण्ड में भारी शिथिलता
अब एफएक्यू सीमा 6 के स्थान पर एफएक्यू 15 निर्धारित मापदण्ड
सीहोर
भारत सरकार द्वारा रबी विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर गेहूं के उपार्जन के लिए एफएक्यू के निर्धारित मापदण्ड में शिथिलता के आदेश खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग जारी किये गये है। विभाग द्वारा जारी आदेशानुसार प्रदेश में असामयिक बारिश एवं ओलावृष्टि के कारण गेहूं के फसल प्रभावित होने से रबी विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए निर्धारित एफएक्यू मापदण्ड में शिथिलता प्रदान की गई है। एफएक्यू के निर्धारित मापदण्ड में शिथिलता Shrivelled & Broken grains अब शिथिलता उपरांत निर्धारित सीमा 15 प्रतिशत, Luster loss में 50 प्रतिशत, Damaged grains एवं Slightly damaged grains में 06 प्रतिशत विभाग द्वारा लस्टर लॉस गेहूं के प्रतिशत में दी गई छूट दी गई है।
खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा जारी निर्देश के तहत Damaged grains एवं Slightly damaged grain को मिलाकर कुल 6 प्रतिशत तक शिथिलता। एफएक्यू मापदण्ड में प्रदान की गई शिथिलता अनुसार समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन एफएक्यू मापदण्ड में प्रदान की गई शिथिलता की सीमा तक उपार्जित गेहूं पर पूर्ण समर्थन मूल्य की राशि मय राज्य बोनस (2275+125) रू. 2400 प्रति क्विंटल किसानों को भुगतान किया जाए। मापदण्ड में शिथिलता अनुसार उपार्जित गेहूं के बोरों पर “Z” मार्का लाल रंग की स्याही से लगाकर किसानवार पृथक से उपार्जन केन्द्र एवं गोदाम में स्टेकिंग कराई जाए। बोरों पर “Z” मार्का इस प्रकार लागया जाए की वह स्पष्ट रूप से दर्शित हो, उपार्जन केन्द्र के लॉगिन से Shrivelled & Broken grains, Luster loss, Damaged grains, Slightly damaged गेहूं की मात्रा एवं प्रतिशत की जानकारी ई-उपार्जन पोर्टल पर प्रविष्टि अनिवार्य रूप से कराई जाए।
जारी आदेशानुसार उपार्जन केन्द्रों से मापदण्ड में शिथिलता अनुसार उपार्जित गेहूं का पृथक-पृथक ट्रकों में परिवहन कराया जाए एवं प्रत्येक ट्रक चालान में शिथिलता अनुसार प्रतिशत अंकित किया जाए। एक ट्रक में दोनों प्रकार (एफएक्यू एवं शिथिलता प्रदान अनुसार) के गेहूं का परिवहन नहीं कराया जाएगा। शिथिलता अनुसार गेहूं का भंडारण स्थल पर होने पर गोदाम प्रभारी द्वारा किसानवार गेहूं का परीक्षण किया जाएगा एवं किसानवार गेहूं के प्रतिशत का मैन्युअल एवं ऑनलाईन प्रविष्टि करेगा। उपार्जन समितियों से प्राप्त मापदण्ड में शिथिलता अनुसार गेहूं के ट्रक चालानों में शिथिलता का प्रतिशत दर्ज न होने अथवा एफएक्यू मापदण्ड में शिथिलता सीमा से अधिक प्रतिशत का गेहूं पाए जाने पर ट्रकों को भंडारण के लिए स्वीकार नहीं किया जाए। भंडारण एजेंसी के संग्रहण केन्द्र प्रभारी का दायित्व होगा कि संग्रहण के लिए प्राप्त एफएक्यू एवं मापदण्ड में शिथिलता अनुसार गेहूं की उपार्जन संस्थावार पृथक-पृथक स्टेक लगाए जाएं। गेहूं के भंडारण में लगाए जाने वाले स्टेक कार्ड में एफएक्यू अथवा मापदण्ड में शिथिलता का पूर्ण विवरण अंकित किया जाएगा। भंडारण एजेंसी द्वारा स्वयं एवं संयुक्त भागीदारी योजनांतर्गत अनुबंधित गोदाम मालिकों को लिखित में निर्देशित किया जाए कि एफएक्यू एवं मापदण्ड में शिथिलता अनुसार गेहूं को पृथक- पृथक संस्थावार स्टेक लगाकर भंडारित कराया जाए।