बेहाल पशु चिकित्सालय : बदहाल व्यवस्था से पशुपालक परेशान, इलाज के लिए भटकना मजबूरी
सीहोर/रेहटी
मुकेश मेहता
9425342666
क्षेत्र के पशुपालकों के लिए जीवनरेखा माने जाने वाला पशु चिकित्सालय बेडनरी खुद ही बीमार हालात में पहुँच चुका है। अस्पताल की स्थिति यह है कि अधिकांश समय डॉक्टर अस्पताल में मौजूद नहीं रहते, वहीं इलाज की उम्मीद में आने वाले पशुपालकों को ताले लगे ऑफिस का सामना करना पड़ता है।
डॉक्टर नदारद – पशुपालक भटक रहे
ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल का निर्धारित समय होने के बावजूद डॉक्टर अक्सर अनुपस्थित रहते हैं।
इलाज कराने वालों को कई किलोमीटर का सफर तय कर अस्पताल पहुँचना पड़ता है, लेकिन वहाँ डॉक्टर दिखाई नहीं देते।
दवाइयाँ उपलब्ध नहीं, बाहर से खरीदने की बाध्यता
पशुपालकों का आरोप है कि अस्पताल में दवाइयाँ भी उपलब्ध नहीं रहतीं।
बीमार पशुओं के लिए जरूरी दवाएँ अस्पताल से देने के बजाय बाजार से लाने को कहा जाता है, जिससे ग्रामीणों पर आर्थिक बोझ और बढ़ जाता है।
नियमों का उल्लंघन – हेडक्वार्टर पर रात्रि विश्राम नहीं
विभागीय नियमों के अनुसार, पशु चिकित्सक को अपने हेडक्वार्टर पर प्रतिदिन रात्रि विश्राम अनिवार्य है, ताकि आपात स्थिति में तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जा सके।
लेकिन बेडनरी चिकित्सालय में पदस्थ डॉक्टर प्रतिदिन अप-डाउन करते हैं, जिससे अस्पताल पूरी तरह अव्यवस्थित रहता है।
ग्रामीणों में आक्रोश, व्यवस्था सुधार की मांग
पशुपालकों का कहना है कि लगातार लापरवाही के कारण पशु उपचार सेवाएँ प्रभावित हो रही हैं।
बीमार पशु समय पर इलाज न मिलने से कई बार जान तक चली जाती है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग से तुरंत जांच कर व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

