73 हेक्टयर क्षेत्र में नई औद्योगिक इकाईयां शुरू। भोपाल के रानी कमलापति, होशंगाबाद और इटारसी स्टेशन पर बिकेंगे बुधनी में निर्मित लकड़ी के कलात्मक खिलौने

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सीहोर जिले में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा की
प्रदेश में नवीन औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए राज्य शासन द्वारा आवश्यक सुविधाएं देते हुए युवाओं को रोजगार दिलवाने का कार्य निरंतर चल रहा है। सीहोर जिले के ग्राम लाचोर में हाल ही में औद्योगिक क्षेत्र के लिए 53 हेक्टयर भूमि चयनित की गई है। गत मार्च माह से फूड प्रोसेसिंग इकाई द्वारा ग्राम जर्रापुर और बासपुरा में कार्य प्रारंभ करने के पश्चात फूड प्रोसेसिंग जोन की स्थापना प्रगति पर है। इसके लिए 20.8 हेक्टयर भूमि आवंटित कर औद्योगिक संस्थान को आधिपत्य प्रदान किया गया है। बुधनी के लकड़ी के खिलौनों की ख्याति की दूर-दूर तक है। इन खिलौनों की बिक्री के लिए होशंगाबाद रेलवे स्टेशन पर स्टॉल प्रारंभ होगा। इटारसी और भोपाल के स्टेशन रानी कमलापति पर भी ऐसे स्टॉल खुलेंगे। क्षेत्र में टॉय कलस्टर के लिए हस्तशिल्प विकास निगम द्वारा खिलौना निर्माताओं और काष्ठ शिल्पियों को आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। यह जानकारी मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में दी गई। बैठक में सीहोर जिले में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस सहित विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव तथा जिला कलेक्टर श्री चन्द्र मोहन ठाकुर, आदि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि युवाओं को रोजगार सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। कृषि को उद्योग से जोड़ने के प्रयास बढ़ाए जा रहे हैं। कृषकों को प्राकृतिक कृषि का प्रशिक्षण भी दिया गया है। प्रदेश के कुछ जिलों से प्रारंभ प्रयास अन्य जिलों तक पहुंचेंगे। भोपाल से लगे जिलों रायसेन,सीहोर और होशंगाबाद में नई औद्योगिक इकाईयों की शुरूआत से एक सम्पूर्ण क्षेत्र इंडस्ट्रियल जोन के रूप में विकसित हो रहा है। महिलाओं को भी रोजगार में प्राथमिकता दी जा रही है। सड़क, बिजली, पेयजल, संचार के क्षेत्र में विकास कार्यों से एक सशक्त अधोसंरचना निर्मित हो रही है। बैठक में सीहोर कलेक्टर श्री चंद्र मोहन ठाकुर द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से संचालित कुपोषण मुक्ति के अभियान, बांस कल्ट्ंर विकास, टपकेश्वर, बरखेड़ा और दिगंबर , सारू मारू गुफाओं के नजदीक ईको-टूरिज्म के विकास, अमरगढ़ जल प्रपात के निकट पर्यटकों की सुविधा के लिए पैगोडा निर्माण, एफपीओ के गठन, मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं को क्रियाशील बनाने पैक हाऊस के निर्माण, ड्रिप और मिनी स्प्रिकलर से सिंचाई को प्रोत्साहन, पांच मिल्क रूट कार्यशील स्थिति में पहुंचाने विभिन्न स्थानों पर खेल स्टेडियम के निर्माण, छात्रावास निर्माण, महाविद्यालयों में फर्नीचर और अन्य उपकरण उपलब्ध कराने, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के समन्वय से बुधनी और नसरूल्लागंज में शिक्षण केंद्र स्थापना, सलकनपुर स्थित माँ विजयासन देवी मंदिर परिसर में विकास कार्य, रमईया आयुर्मेघा बैंगलोर द्वारा योग नेचर पार्क के लिए सहयोग, आयुष औषाधालयों को हेल्थ एंड वेल्नेंस सेंटर में परिवर्तित करने, स्वास्थ्य केंद्रो के भवन निर्माण, नगरीय विकाय, स्वच्छ भारत मिशन के लिए सामुदायिक डस्टबिन वितरण, नीलकंठ जलप्रदाय योजना आदि से संबंधित जानकारी दी गई।