ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में रेहटी के 17 मेडिकल बंद, मरीजों को हुई परेशानी
मुकेश मेहता
रेहटी। नगर में ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में बुधवार को रेहटी के मेडिकल संचालकों ने एकजुट होकर अपनी दुकानों को बंद रखा। जानकारी के अनुसार नगर के करीब 17 मेडिकल स्टोर पूरे दिन बंद रहे। मेडिकल संचालकों ने ऑनलाइन दवा बिक्री, बिना पर्याप्त निगरानी के भारी डिस्काउंट पर दवाइयों की बिक्री तथा नकली और गुणवत्ता विहीन दवाओं के बढ़ते खतरे को लेकर विरोध जताया।
मेडिकल संचालकों का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कई कंपनियां भारी छूट देकर दवाइयों की बिक्री कर रही हैं, जिससे स्थानीय दवा व्यापार प्रभावित हो रहा है। साथ ही उनका आरोप है कि कई फार्मेसी वेबसाइट और ऑनलाइन माध्यम बिना डॉक्टर की समुचित जांच और वैध पर्चे के दवाइयां उपलब्ध करा रहे हैं, जो मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
व्यापारियों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नकली और अनियंत्रित दवाइयों के सेवन से मरीजों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि गलत दवाओं या बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवाइयों के उपयोग से गंभीर बीमारियां बढ़ने का खतरा रहता है, जिससे लोगों की जान तक जोखिम में पड़ सकती है।
मेडिकल स्टोर बंद रहने के कारण नगरवासियों और मरीजों के परिजनों को दवाइयां खरीदने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई लोग दवाइयों के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए। वहीं शासकीय अस्पताल में भी मरीजों और उनके परिजनों की भारी भीड़ देखने को मिली। अस्पताल परिसर में दवा और उपचार संबंधी जानकारी लेने वालों की संख्या अधिक रही।
मेडिकल संचालकों ने प्रशासन और शासन से मांग की है कि ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियम लागू किए जाएं, नकली दवाइयों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जाए और बिना वैध चिकित्सकीय परामर्श दवा उपलब्ध कराने वाले प्लेटफॉर्म्स पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से मेडिकल व्यापारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि मरीजों की सुरक्षा और दवा गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए दवा बिक्री व्यवस्था पर कड़ी निगरानी आवश्यक है। वहीं मेडिकल बंद के कारण आमजन को हुई असुविधा ने स्वास्थ्य सेवाओं की निर्भरता और स्थानीय मेडिकल दुकानों की महत्ता को भी उजागर किया।
