6 घंटे चली अपराध समीक्षा बैठक, गंभीर अपराधों पर सख्ती के निर्देश
पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना ने जिले के सभी थाना प्रभारियों और एसडीओपी की ली बैठक
मुकेश मेहता
सीहोर, 6 जून। जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने, गंभीर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण तथा लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभा कक्ष में जिले के समस्त एसडीओपी, सीएसपी एवं थाना प्रभारियों की विस्तृत अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की। लगभग छह घंटे तक चली बैठक में वर्ष 2024, 2025 एवं 2026 के दौरान दर्ज हुए हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, लूट, गृहभेदन और चोरी जैसे गंभीर अपराधों की थानावार समीक्षा की गई।
बैठक में पुलिस अधीक्षक ने संपत्ति संबंधी अपराधों में मशरूका बरामदगी का प्रतिशत बढ़ाने तथा अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। महिला एवं बाल अपराधों की समीक्षा करते हुए उन्होंने पॉक्सो एक्ट एवं दुष्कर्म प्रकरणों में निर्धारित 60 दिवस की समय-सीमा के भीतर विवेचना पूर्ण कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही आईटीएसएसओ पोर्टल की प्रगति का भी परीक्षण किया गया।
पुलिस अधीक्षक ने शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, जिला बदर, राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) तथा आबकारी, आर्म्स एक्ट, सट्टा, जुआ और एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत की जा रही कार्यवाहियों की समीक्षा करते हुए असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में लंबित मर्ग, चालान, खात्मा-खारजी प्रकरण, विभागीय जांच तथा जनसुनवाई से संबंधित शिकायतों के समयबद्ध एवं वैधानिक निराकरण पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा सीसीटीएनएस पोर्टल पर चार्जशीट अपलोडिंग, ई-रक्षक ऐप के माध्यम से समंस एवं वारंट तामीली तथा एनडीएसओ, निदान, आईसीजेएस और नेफिस जैसे राष्ट्रीय पोर्टलों की प्रगति की समीक्षा की गई।
जनता की शिकायतों के त्वरित और संतोषजनक निराकरण के लिए सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी। ई-एफआईआर, ई-जीरो एफआईआर एवं जीरो एफआईआर से जुड़े लंबित मामलों में भी शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
बैठक को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना ने कहा कि प्रत्येक फरियादी की समस्या को संवेदनशीलता और गंभीरता से सुनना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है तथा अपराधियों के विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में रात्रि गश्त बढ़ाने, वारंटियों की गिरफ्तारी में तेजी लाने और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखने के निर्देश दिए।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती सुनीता रावत, जिले के समस्त एसडीओपी/सीएसपी, रक्षित निरीक्षक, थाना प्रभारी, यातायात प्रभारी एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय की विभिन्न शाखाओं के प्रभारी उपस्थित रहे।

