2300 करोड़ की सौगात: जनकल्याण, शिक्षा, आईटी और पुनर्वास पर मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले

स्कूटी योजना 2031 तक जारी, स्टेट डाटा सेंटर के लिए 800 करोड़, ‘नमो हरित-नगर योजना’ को 100 करोड़, डूब प्रभावितों के पुनर्वास के लिए 202.50 करोड़ मंजूर
प्रमुख बिंदु
प्रदेश के विकास और जनकल्याण के लिए 2300 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं को मंजूरी।
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना को वर्ष 2031 तक जारी रखने के लिए 495 करोड़ रुपये स्वीकृत।
‘नमो हरित-नगर योजना’ के तहत 65 नगरीय निकायों में नगर वन विकसित करने के लिए 100 करोड़ रुपये मंजूर।
केन-बेतवा, रूंज और मझगांव सिंचाई परियोजनाओं के डूब प्रभावितों के पुनर्वास के लिए 202.50 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत।
स्टेट डाटा सेंटर 3.0 परियोजना के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 800 करोड़ रुपये की मंजूरी।
विज्ञान पार्क, एकल नागरिक डाटाबेस और बायोटेक्नोलॉजी पार्क के लिए 123 करोड़ रुपये स्वीकृत।
आईटी, आईटीईएस एवं ईएसडीएम इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी-2023 में संशोधन को मंजूरी।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की विभागीय स्तर पर सीधी भर्ती का रास्ता साफ।
भोपाल, 8 जुलाई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के विकास, जनकल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य, आईटी, पर्यावरण और पुनर्वास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं के लिए करीब 2300 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की।
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री स्कूटी योजना को वर्ष 2031 तक जारी रखने के लिए 495 करोड़ रुपये मंजूर किए। इसके तहत शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों में प्रथम प्रयास में न्यूनतम 70 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को स्कूटी प्रदान की जाएगी।
शहरी क्षेत्रों में हरित वातावरण विकसित करने के उद्देश्य से ‘नमो हरित-नगर योजना’ के लिए 100 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। योजना के तहत प्रदेश के 65 नगरीय निकायों में नगर वन विकसित किए जाएंगे, जिससे पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ वायु और जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा।
डूब प्रभावितों के पुनर्वास को मिली राहत
कैबिनेट ने केन-बेतवा लिंक, रूंज एवं मझगांव सिंचाई परियोजनाओं के डूब प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं विस्थापन के लिए 202 करोड़ 50 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की। प्रभावित परिवारों के पुनर्वास पैकेज में वृद्धि कर उन्हें बेहतर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।
स्टेट डाटा सेंटर के विस्तार पर 800 करोड़
प्रदेश में डिजिटल सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए एमपी स्टेट डाटा सेंटर 3.0 परियोजना के विस्तार एवं आधुनिकीकरण हेतु 800 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। इस परियोजना के तहत आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजास्टर रिकवरी सिस्टम, नेटवर्क और स्टोरेज क्षमता का विस्तार किया जाएगा, जिससे नागरिकों को ऑनलाइन सेवाएं और अधिक प्रभावी ढंग से मिल सकेंगी।
विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा
कैबिनेट ने विज्ञान पार्क, एकल नागरिक डाटाबेस और बायोटेक्नोलॉजी पार्क की स्थापना एवं संचालन के लिए 123 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी। उज्जैन में अत्याधुनिक तारामंडल एवं खगोलीय वेधशाला विकसित की जाएगी, जहां विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को आधुनिक अनुसंधान सुविधाएं मिलेंगी।
ई-गवर्नेंस और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश आईटी, आईटीईएस एवं ईएसडीएम इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी-2023 में संशोधन को मंजूरी दी। नई व्यवस्था के तहत आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों के विस्तार, निवेश और भूमि आवंटन की प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाया जाएगा।
स्वामित्व योजना को राहत
कैबिनेट ने स्वामित्व योजना के तहत निष्पादित हस्तांतरण अभिलेखों पर अतिरिक्त स्टांप शुल्क एवं उपकर से छूट देने का निर्णय लिया, जिससे ग्रामीणों को संपत्ति के पंजीयन में आर्थिक राहत मिलेगी।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती होगी आसान
प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती अब विभागीय स्तर पर भी की जा सकेगी। हर माह रिक्त पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे और चयन के बाद नियुक्तियां सीधे जारी की जाएंगी।
स्वामित्व योजना के तहत पंजीयन पर अतिरिक्त स्टांप शुल्क और उपकर से छूट।
उपार्जित गेहूं, चना, ज्वार एवं बाजरा निस्तारण नीति-2026 को मंजूरी।