संकल्प नशा मुक्ति केन्द्र के तत्वाधान में किया गया नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन
सीहोर। शहर के सैकड़ाखेड़ी स्थित संकल्प नशा मुक्ति केन्द्र के तत्वाधान में नशा मुक्त अभियान-नशे से आजादी कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को बड़ी संख्या में हितग्राहियों के द्वारा सामूहिक रूप से शपथ ग्रहण करते हुए नशे से मुक्ति रहने की प्रार्थना की।
इस संबंध में जानकारी देते हुए केन्द्र के संचालक राहुल सिंह ने बताया कि नशा मुक्त अभियान-नशे से आजादी कार्यक्रम के अंतर्गत अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इससे पहले केन्द्र में नुक्कड नाटक, रैली, संकल्प समारोह, पेंटिंग आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। शुक्रवार को केन्द्र में इस अभियान के दौरान यहां पर मौजूद प्रभारी नटवर कुशवाहा ने कहा कि लोग अक्सर तनाव और विफलता से पीछा छुड़ाने के लिए नशे की लत का शिकार हो जाते हैं। इससे मुक्त होने के लिए हृदय की पवित्रता एवं विचारों की शुद्धता के साथ नशा मुक्ति अभियान एवं नशा मुक्ति परामर्श एवं पुनर्वास केंद्र बेहद जरूरी है। केन्द्र में हमारे द्वारा हितग्राहियों को नशे की मुक्ति दिलाए जाने की कांसलिंग की जाती है। जिसमें प्रेरित करना: मनोवैज्ञानिक यह काम बखूबी करते हैं। समझाने, रास्ता दिखाने और उत्साह बढ़ाकर असंभव से दिखने वाले काम को वे संभव बना सकते हैं। इससे मरीज को सीधे फायदा होता है। -नशा करने से रोकना: परिवार के लोग नशे के बुरे प्रभावों के बारे में बताकर नशे से दूर रहने के लिए किसी को मना सकते हैं। -जानकारी देकर: नशे के बुरे प्रभावों और इससे निकलने के रास्ते की जानकारी देकर अडिक्शन से बचाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि नशे की लत होना एक बीमारी है, जो किसी व्यक्ति के मस्तिष्क और व्यवहार को प्रभावित कर सकती है। कुछ पदार्थ जैसे शराब, गांजा और निकोटीन को भी नशे ही का एक रूप माना जाता है, जब कोई इन्सान इनका आदी हो जाता है। सामान्य शब्दों में कहा जाए तो एक ही गतिविधि में बार-बार लिप्त होने की ललक या खुशी पाने के लिए किसी पदार्थ का सेवन, लेकिन जिस बात से शरीर को नुकसान हो उसे ही व्यसन या लत कहा जाता है। इसको दूर करने के लिए सबसे पहले यहां पर आने वाले हितग्राही की संगति से उसको मुक्त कराया जाता है।

