लहसुन प्याज उत्पादक किसानों की दुर्दशा पर ध्यान नही दे रही है सरकार राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने किया प्रदर्शन मुख्यमंत्री के नाम दिया ज्ञापन
सीहोर। लहसुन प्याज के गिरते दामों से किसान आत्महत्या करने के लिए विवश हो रहे है। लहसुन प्याज उत्पादक किसानों की दुर्दशा पर प्रदेश सरकार ध्यान नही दे रही है। लहसुन और प्याज उत्पादक किसानों की परेशानी को देखते हुए राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने प्रदेश सरकार से किसानों को लहसुन और प्याज उत्पादक किसानों को भावांतर या समर्थन मूल्य देने की मांग की है। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने गुरूवार को अनुविभागीय अधिकारी सीहेार कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। किसानों ने नारेबाजी कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम ज्ञापन नायब तहसीलदार शैफाली जैन को दिया।


राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के पदाधिकारी बलराम मुकाती ने कहा की किसानों की बदहाली को सरकार नही देख रही है। लहसून प्याज को मण्डी तक लाने का भाडा तक नहीं निकल पा रहा है। किसान अपने खून पसीने से सीची हुई फसल को नालों नदियों कुओं में फेक ने के लिए विवश हो रहा है। लहसुन, प्याज उत्पादक किसान भाव अन्तर भुगतान या समर्थन मूल्य का इन्तजार कर हताश हो चुका है। यदि शीघ्र इस बात पर ध्यान नहीं दिया गया तो किसान उग्र आन्दोलन करने को बाध्य होगा। ज्ञापन सौपते समय आत्मारामजी, विष्णुप्रसाद जलोदिया, देवकरण, राजेंद्र सिंह, गौरव वर्मा, राम सिंह, ओमप्रकाश, किशौर सिंह, रमेश चंद्र सतीष वर्मा, रूप सिंह आदि किसान शामिल रहे।