राष्ट्रीय मानव अधिकार भ्रष्टाचार निवारण भारत संगठन के तत्वाधान में प्रदेश स्तरीय बैठक का आयोजन
सीहोर। हर क्षेत्र में मानवाधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है। भारत में मानवाधिकार कोई नई अवधारणा नही है। भारतीय संस्कृति में मानव अधिकारों की अवधारणा का बीज पहले से ही विद्यमान है। हमारे देश के सभी प्रमुख धर्मग्रंथों में अधिकार और कर्तव्य की अवधारणा का संकेत बीज मंत्र के रूप में सर्वर्त्र दृष्टि गोंचर होता है। दूसरे शब्दों में हमारी संस्कृति मानव अधिकारों को केन्द्र में रखकर ही पुष्पित एवं पल्लवित हुई। वर्तमान परिदृश्य में मानवाधिकारों का संरक्षण आज विश्व के समक्ष सबसे बडी चुनौती है। उक्त विचार राष्ट्रीय मानव अधिकार भ्रष्टाचार निवारण भारत संगठन द्वारा ग्राम अहमदपुर में एक बैठक के दौरान संगठन के प्रदेशाध्यक्ष खुमान सिंह गुर्जर ने कही।
इस मौके पर उन्होंने बताया कि मानव अधिकारों को बढ़ावा देने और उनकी रक्षा के लिए आवश्यक है। शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत बनाने और सही मायने में उत्तरदायी लोकतांत्रिक संस्थाओं के निर्माण को मानव अधिकारों की रक्षा करने में एक लंबा रास्ता तय करना होगा। जानकारी के अभाव में केन्द्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं में जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। इसको रोकने के लिए राष्ट्रीय मानव अधिकार एवं भ्रष्टाचार निवारण संगठन किया गया है और समय-समय पर शिविरों के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। बैठक के दौरान जिले व प्रदेश लेवल के अधिकारी मौजूद रहे प्रदेश अध्यक्ष श्री गुर्जर प्रदेश प्रवक्ता विजय मीणा, जिला सचिव प्रदीप मालवीय, नेहाल सिंह मालवीय एवं जिला प्रमुख सचिव सीहोर विनोद दांगी, सुखविंदर सिंह, जिला प्रमुख सचिव विनोद दांगी, दीपक अहिरवार, तहसील लोकेश विजय एवं जिला सचिव मनोज मालवीय एवं श्याम मालवी जिसमें जिला अध्यक्ष विजय मीणा को पदोन्नति करते हुए प्रदेश प्रवक्ता बनाया गया।
