पीएम मोदी के जन्म दिन पर कांग्रेस ने मनाया राष्ट्रीय बेरोजगार दिवसकांग्रेसजनों ने नारेबाजी करते हुए पीजी कालेज के गेट पर पकौड़े तलकर बेरोजगारों को किए वितरण
सीहोर। देश में बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी सहित अन्य मुद्दों को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी और युवक कांग्रेस के संयुक्त तत्वाधान में शनिवार को शहर के भोपाल नाका स्थित पीजी कालेज के गेट पर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. बलवीर तोमर के आह्वान पर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिन को राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस के रूप में मनाया गया और इस मौके पर यहां पर मौजूद कांग्रेसजनों ने नारेबाजी करते हुए गेट के समक्ष की कढ़ाई चढ़ाकर पकौड़े तल कर यहां पर मौजूद विद्यार्थियों और युवाओं को वितरण करते हुए पीएम के खिलाफ नारेबाजी की।
इस मौके पर जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष नईम नवाब ने कटाक्ष करते हुए कहा, भारत में महान प्रधानमंत्रियों के जन्मदिवस को प्रतीकात्मक रूप से मनाया जाता रहा है। बच्चों के प्रिय चाचा नेहरू के जन्मदिन को बाल दिवस, इंदिरा गांधी के जन्मदिन को कौमी एकता दिवस के रूप में, राजीव गांधी के जन्मदिन को, सद्भावना दिवस और अटल जी के जन्मदिन को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है, लेकिन आज देश के युवा वर्तमान पीएम के जन्म दिन को राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस मना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा राष्ट्र है और आज कामकाजी उम्र के 60 प्रतिशत लोग या तो काम नहीं कर रहे हैं या काम की तलाश भी नहीं कर रहे। 20-24 वर्ष की उम्र के 42 प्रतिशत युवा बेरोज़गार हैं। अगर यह स्थिति भयावह नहीं तो और क्या है? मोदी जी ना ही कोरोना और ना ही यूक्रेन-रूस के युद्ध के पीछे छुप सकते हैं। देश में कोविड के पहले ही 45 वर्षों में सबसे शीर्ष स्तर पर बेरोज़गारी पहुंच गयी थी और इस समय बेरोज़गारी एक साल में सबसे ऊपर 8.3 प्रतिशत के स्तर पर है। मोदी जी से आशा थी कि उनके वादे के मुताबिक 8 साल में 16 करोड़ नौकरियां मिल जानी चाहिए थीं। लेकिन इन 8 वर्षों में नौकरी के आवेदन आए 22 करोड़ और रोज़गार मात्र 7 लाख लोगों को मिले। बेरोज़गारी की मार तो सबसे ज़्यादा महिलाओं पर पड़ी है। कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी 26 प्रतिशत से गिरकर 15 प्रतिशत पर चली गयी है। कहां हैं सालाना 2 करोड़ रोज़गार? आख़िर क्यों 60 लाख सरकारी पद केंद्र और राज्य सरकारों में ख़ाली पड़े हैं? सबसे ज़्यादा रोज़गार का सृजन करने वाले छोटे लघु मध्यम उद्योगों के लिए कोई नीति क्यों नहीं? आख़िर लाख उकसाने और फटकारने के बावजूद निजी क्षेत्र निवेश क्यों नहीं कर रहा, क्या आपकी नीतियों में भरोसा नहीं है? सारा ध्यान हम दो और हमारे दो पर ही केंद्रित रहेगा, तो बाक़ी रोज़गार कहां और कौन सृजित करेगा? युवाओं को स्थायी रोज़गार देने के बजाय 4 साल के ठेके पर रखकर 23 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त करने का षड्यंत्र क्यों? मुझे दुख है और बहुत चिंता है कि आज देश के युवा राष्ट्रीय बेरोज़गार दिवस क्यों मना रहे हैं? अभी तो आपके पास लगभग 2 साल हैं, युवाओं को रोज़गार दीजिए, इतिहास इमारतों से नहीं-इरादों से बनता है। उन्होंने कहा कि जन्म दिन मनाया जाना चाहिए, लेकिन आज देश का हर वर्ग दुखी और पीएम अपना जन्म दिन इवेंट की तरह मना रहे है, यह सिर्फ तानाशाही है जो इस लोकतंत्र रूपी देश में नहीं चलेगी। इस दौरान मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजेश भूरा यादव, राजाराम बड़े भाई, युवक कांग्रेस की ओर से महामंत्री रेहान नवाब, पार्षद राजीव गुजराती, राजेन्द्र ठाकुर, तुलसी राठौर, अजय रेकवार, केके रिछारिया, भगत तोमर, ओम सोनी, शोभा सोनी, हर्षदीप, अमित राठौर, अपूर्व अग्रवाल, यश चावड़ा, अमन खान, काफिल खान, यमन यादव, असिफ नवाब, सुलेमान आदि शामिल थे।

