नापतौल विभाग ने कृषि उपज मंडी रेहटी में बनाए 3 व्यापारियों पर प्रकरण
बिना सत्यापित इलेक्ट्रॉनिक कांटों से मंडी में हो रहा उपज का तौल
. उपज तौल करने वाले बांट, कांटों का भले ही एक साल के अंदर सत्यापन कराना जरूरी रहता है, लेकिन दुकानदार अपनी लापरवाही दिखाने से बाज नहीं आ रहे हैं। वह बिना सत्यापित बांट, कांटों से सामग्री सहित किसानों की उपज तौल कर चुना लगा रहे हैं। नापतौल विभाग ने बुधवार को रेहटी कृषि उपज मंडी में जांच की तो यहां पर भी लापरवाही उजागर हुई है।
नापतौल विभाग के अमले ने रेहटी कृषि उपज मंडी की दुकानों पर लगे किसानों की उपज तौल करने वाले इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटों की जांच पड़ताल की तो पता चला कि उनका सत्यापन ही नहीं हुआ है। बिना सत्यापन कराए ही व्यापारी कांटे से किसानों की उपज तौल रहे थे। विभागीय अमले ने लापरवाही बरतने वाले व्यापारियों को फटकार लगाई।

नापतौल विभाग के अधिकारियों के अनुसार तौल कांटे का सत्यापन नहीं कराने पर शैलेंद्र रामचरण अनाज दलहन व्यापारी, ओमप्रकाश कुशवाह कुशवाह ट्रेडिंग कंपनी,एवं लकी ट्रेडर्स का प्रकरण बनाया है। बताया जाता है कि जिन व्यापारियों की दुकान का प्रकरण बनाया है उनसे नियम अनुसार जुर्माना वसुला जाएगा।
विभागीय अफसरों की माने तो यह कार्रवाई जारी रहेगी। अफसरों का कहना है कि कांटे का हर साल सत्यापन कराना रहता है। इसमें पता किया जाता है कि कांटा ठीक है या फिर उसमें कोई गड़बड़ी है। सत्यापन में कांटा पूरी तरह से फीट मिलने पर ही उसे मान्य किया जाता है।
बिना सत्यापित मिले इलेक्ट्रॉनिक तौलकांटे
रेहटी में कृषि उपज मंडी में दुकानों पर मौजूद तौल कांटे की जांच की गई थी। जांच में तीन दुकानों पर बिना सत्यापित इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे मिले हैं, जिसके चलते प्रकरण बनाया है।
एसके बाके, नापतौल निरीक्षक नापतौल विभाग सीहोर
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