August 3, 2026

स्वास्थ्य विभाग द्वारा आम नागरिकों को मंकीपॉक्स वायरस से बचाव की सलाह। आम नागरिकों से स्वास्थ्य विभाग द्वारा मच्छरजनित बीमारियों से बचने की सलाह

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सीहोर,01 अगस्त,2022

       स्वास्थ्य विभाग द्वारा आम नागरिकों को मच्छरजनित बीमारियों से बचने की सलाह दी गई है। वर्षा के मौसम में बीमारियां फैलने का खतरा अधिक रहता है। इस मौसम में होने वाली बीमारियां खतरनाक साबित हो सकती है। सावधानी बरतने की आवश्यकता है, लापरवाही जानलेवा हो सकती है। वर्षा के मौसम में होने वाली बीमरियां जैसे सर्दी, जुखाम, बुखार, मलेरिया,चिकनगुनिया, हैजा एवं टाइफाइड हो सकते है सर्दी, जुखाम, बुखार से बचने के लिए बारिश में ज्यादा देर तक न भीगे, भीगने से बचे,भीगने पर शरीर को साफ-कपड़े से पोछे तुरंत कपड़े बदले। मलेरिया से बचने के लिये अपने घर के आसपास गड्डा न होने दें, अगर गड्डा हो तो, उसमें पानी इकठा न होने दें। 

      हैजा से बचने के लिए घर के आसपास सफाई रखें, गंदा पानी उपयोग में न लायें, पानी को छानकर या उबालकर उपयोग करें। टाइफाइड खतरनाक बीमारी में से एक है। यह संक्रमित जल व दूषित भोजन से होता है, इस बीमारी में तेज बुखार आता है एंव कई दिनों तक रहता है। इस बीमारी का संक्रमण रोगी के पित्ताशय में रहता है, टाइफाइड होने वाले रोगी से दूर रहना चाहिए और चिकित्सक से दवा लेनी चाहिए। नागरिकों से अपील की गई है कि वर्षा के मौसम में होने वाली बीमारियों से बचाव जरूरी है। अगर बचाव न किया जाये तो यह खतरनाक हो सकती है। इसलिए कोई भी बीमारी होने पर चिकित्सक को अवश्य दिखायें, जिससे रोग की पहचान की जा सके तथा त्वरित उपचार हो सके।

        स्वास्थ्य विभाग द्वारा एडवायजरी जारी कर मंकीपॉक्स वायरस से बचाव के निर्देश दिए हैं। मंकी पॉक्स वायरस के कारण मनुष्य में सामान्यतः संक्रमण नही होता है, परन्तु कुछ दुर्लभ प्रकरणों में पॉक्सविरिडे परिवार के ऑर्थोपॉक्स वायरस जीनस में पाये जाने वाले मंकीपॉक्स वायरस से संक्रमण पाया गया है।

      भारत सरकार, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा मंकीपॉक्स के सम्बन्ध में कुछ देशों से रिपोर्ट किए गए मंकीपॉक्स के मामलों के मद्देनजर आईडीएसपी एसएसयू के लिए अंतरिम सलाह ” जारी कर बताया कि मंकीपॉक्स एक वायरल जूनोटिक बीमारी है जो मुख्य रूप से मध्य और पश्चिम अफ्रीका के उष्णकटिबंधीय वर्षा वन क्षेत्रों में पायी जाती है। मंकीपॉक्स से संक्रमित रोगी को सामान्यतः बुखार, रेश और लिम्फ नोड्स में सूजन पाई जाती है। कुछ रोगियों में चिकित्सकीय जटिलताएं हो सकती हैं। मंकीपॉक्स एक स्व – सीमित संक्रमण है जिसके लक्षण सामान्यतः 2 से 4 सप्ताह में समाप्त हो जाते है। गंभीर प्रकरणों में मृत्यु दर1 से 10 प्रतिशत है।

      मंकीपॉक्स वायरस पशुओं से मनुष्य में और मनुष्य से मनुष्य में भी फैल सकता है। वायरस कटी – फटी त्वचा या आंख, नाक या मुंह के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है। संक्रमित पशु, वन्य पशु से मानव में वायरस का संचरण काटने, खरोंचने शरीर के तरल पदार्थ एवं घाव से सीधे अथवा अप्रत्यक्ष संपर्क जैसे दूषित बिस्तर के माध्यम से हो सकता है। मनुष्य से मनुष्य में संक्रमण, संचरण मुख्य रूप के माध्यम से सामान्यतः पर लंबे समय तक निकट संपर्क से होता है। वायरस शरीर के तरल पदार्थ, घाव के सीधे संपर्क के माध्यम से और घाव के साथ अप्रत्यक्ष संपर्क के माध्यम से भी प्रसारित हो सकता है, जैसे संक्रमित व्यक्ति के दूषित कपड़ों या लिनेन के माध्यम से मंकीपॉक्स के लक्षण स्मॉलपॉक्स जैसे होते है। ऑर्थोपॉक्स वायरस से फैलने वाले स्मॉलपॉक्स संक्रमण 1980 में दुनिया भर में समाप्त घोषित कर दिया गया था। 

      मंकीपॉक्स स्मॉलपॉक्स की तुलना में कम गंभीर व कम संक्रामक बीमारी है। मंकीपॉक्स का आमतौर पर 7 से 14 दिनों का होता है, लेकिन यह 5 से 21 दिनों तक हो सकता है और इस अवधि के दौरान व्यक्ति आमतौर पर संक्रामक नहीं होता है । संक्रमित व्यक्ति के चकत्ते दिखने से 1 से 2 दिन पहले तक रोग फैला सकता है । सभी चकत्तों से पपड़ी गिर न जाए रोगी तब तक संक्रामक बना रह सकता है। वर्तमान परिदृश्य 21 मई 2022 तक यूके, यूएसए, यूरोप, आस्ट्रेलिया और कनाडा से मंकी पॉक्स के मामले सामने आए हैं जिनमें कोई मौत नहीं है। उक्त संक्रमण स्थानीय प्रसारण और अफ्रीकी देशों की यात्रा के कारण पाया गया हैं। भारतीय विभिन्न देशों से नए प्रकरणों का पता चलने से भारत में इस बीमारी के होने की संभावना है।

मंकीपॉक्स क संभावित प्रकरणों की शीघ्र पहचान व निदान करते हुये आवश्यक गतिविधियां किये जाने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा निर्देशित किया गया है। व्यक्तियों को मंकीपॉक्स का संभावित प्रकरण माना जाए जिन्हें बुखार के साथ पाये जाये । ऐसे व्यक्ति जिन्होंने पिछले 21 दिनों में किसी ऐसे देश की यात्रा की हो जहां हाल ही में मंकीपॉक्स के प्रकरण की पुष्टि हुई हो अथवा संदिग्ध प्रकरण पाये गये हो। पुष्ट या संदिग्ध मंकीपॉक्स संक्रमित व्यक्ति के साथ संपर्क हुआ हो। सभी संदिग्ध प्रकरणों को चिन्हाकिंत स्वास्थ्य सुविधाओं में तब तक अलग रखा जाना चाहिए। सभी घावों पर त्वचा की एक नई परत बन जाने पर या उपचार करने वाले चिकित्सक द्वारा समाप्त करने का निर्णय लिये जाने पर ही स्वास्थ्य संस्था से डिस्चार्ज किया जाना चाहिए। ऐसे समस्त संभावित प्रकरण एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम के डिस्ट्रक्ट सर्विलेंस ऑफिसर की निगरानी में रहेंगे । ऐसे प्रकरणों का उपचा

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