वारिश में नदी-झरनों में बढ़ते हादसे, वन विभाग चिंतित _ चेतावनी के बावजूद नहीं मान रहे सैलानी
रेहटी/सीहोर
मुकेश मेहता
9425342666
वारिश के मौसम में प्राकृतिक झरने और नदियां जहां एक ओर लोगों को आकर्षित कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर इन स्थानों पर लगातार हो रहे हादसों ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। तेज बहाव और फिसलन के कारण नदी और झरनों में फंसे या बहने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
इसी क्रम में रेहटी
वन विभाग द्वारा लगातार अलाउंसमेंट कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। कई संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं और कुछ क्षेत्रों में प्रवेश रोकने की कोशिशें भी की जा रही हैं। लेकिन इसके बावजूद लोग चेतावनियों को नजरअंदाज कर जोखिम उठा रहे हैं।
रेहटी वन अधिकारि का कहना है कि सुरक्षा के लिहाज से विभाग पूरी तरह सतर्क है, लेकिन जब तक लोग स्वयं सावधानी नहीं बरतेंगे, हादसों पर पूर्ण नियंत्रण संभव नहीं। विभाग ने स्थानीय प्रशासन से भी सहयोग की मांग की है और लोगों से अपील की है कि वे झरनों और नदियों में न उतरें और अनावश्यक रूप से जान जोखिम में न डालें। इसी लिए रेहटी वन विभाग ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी रख और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है
इस अभियान में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर
परिक्षेत्र सहायक हरिश चंद माहेश्वरी डिप्टी रेंजर ,बीट गार्ड नीलकछार आनंद ठाकुर , बीट गार्ड सलकनपुर अंकित पटेल बीट गार्ड रतनपुर महेंद्र मीणा एवं मुकेश यादव स्थाई कर्मी बाहन चालक द्वारा सतत निगरानी एवं रोकने के साथ अलाउंसमेंट किया जा रहा है

